30 जून की कैबिनेट बैठक में लिए कुछ अहम निर्णय।

कैबिनेट बैठक

 छत्तीसगढ़ सरकार ने कैबिनेट बैठक में कौन-कौन से ज़रूरी निर्णय लिए हैं?

कैबिनेट बैठक सबसे महत्वपूर्ण और अहम जो फैसला सरकार ने लिया है, वो किसानों के हित में है। आपको मालूम होगा छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से योजना चलाई जा रही है। बहुत सारी योजनाएं हैं, उनमें से एक ऐसी योजना है जो खरीफ़ और दलहन-तिलहन की फसल लगाने वाले किसानों को कृषि उन्नति योजना का लाभ नहीं मिलता था। अब उस योजना का  किसानों को मिलेगा। उनके साथ-साथ खरीफ़ की फसल लेने वाले और दलहन-तिलहन की फसल लेने वाले सभी किसानों को इसका लाभ मिलेगा।

इसके अलावा, एक और ज़रूरी महत्वपूर्ण फैसला कैबिनेट की बैठक में आज लिया गया। जब केंद्र की ओर से मंज़ूरी मिल गई कि चीफ सेक्रेटरी अमिताभ जैन अपने पद पर ही रहेंगे।  आने वाले सितंबर 2025 तक वो अभी बने रहेंगे। उन्हें  एक्सटेंशन दे दिया गया है। और पहले चीफ सेक्रेटरी हैं जिन्हें एक्सटेंशन दिया गया है, कैबिनेट की बैठक में और क्या-क्या महत्वपूर्ण फैसला हुआ, ये भी आपको जानना जरूरी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के लिए जो रिटायर हो चुके हैं, उनके लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है।

कि सेवानिवृत्ति के समय पेंशन भुगतान संबंधित दायित्व के बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए आपको मालूम होगा कि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी भटकते हैं अपनी पेंशन के लिए। तो सरकार ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ पेंशन फंड के गठन का निर्णय लिया है। और इसके प्रबंधन एवं विनिमय के लिए विधेयक भी लेकर आई है सरकार 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। और ज़रूरी जो निर्णय हैं। छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम व नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव जी ने इस तरह से बताया ।कैबिनेट बैठक में

मंत्रि परिषद द्वारा वाणिज्यिक कर पंजीयन विभाग के अंतर्गत मतलब उच्च श्रेणी पंजीयन लिपिक, रिकॉर्ड कीपर से द्वितीय श्रेणी कार्यपालिक उप पंजीयक के पद पर पदोन्नति के लिए विगत 5 वर्ष न्यूनतम अहर्ता कार्य सेवा के लिए जो है एक बार के लिए न्यूनतम अहर्ता ही दो वर्ष कर दिया गया है। यानी कि प्रमोशन के लिए जो है पहले पाँच साल थी, उसे दो साल कर दिया गया है। ये भी ज़रूरी निर्णय था जिसके लिए फैसला लिया गया है। आगे आप सुनेंगे छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने आज की कैबिनेट बैठक को लेकर क्या कुछ जानकारी दी है। और इस कैबिनेट बैठक को लेकर आप क्या सोचते हैं? आप क्या विचार रखते हैं? अपना विचार कमेंट पर ज़रूर दें। राज्य के प्रचुर वन संसाधन, वनोपज एवं वन औषधीय उत्पाद के निर्यात हेतु इको सिस्टम तैयार होगा।

यह पॉलिसी राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। साथ ही को लॉजिस्टिक एवं निर्यात क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका में स्थापित करेगी। मंत्रि परिषद द्वारा एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उच्च कानूनों के प्रावधानों का गैर अपराधीकरण करने के लिए छत्तीसगढ़ जनविश्वास प्रावधानों का संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जनविश्वास विधेयक से व्यवसाय व जीवन यापन में सहजता बढ़ेगी। अनावश्यक न्यायिक प्रकरणों और उससे होने वाले व्यय में कमी आएगी। आज कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। और कई महत्वपूर्ण आज की बैठक में लिए गए। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण और अहम फैसला एक बार फिर किसान हितैषी सरकार ने किसानों के हित में निर्णय किया है। कि

अब कृषक उन्नति योजना के प्रचलित निर्देशों को संशोधन करते हुए इसके दायरे को और विस्तृत कर दिया गया है। अब इस योजना का लाभ खरीफ़ 2025 में धान उत्पादन किसानों के साथ-साथ पंजीकृत धान फसल के साथ के स्थान पर अब दलहन, तिलहन, मक्का आदि की फसल लगाने वाले किसानों को भी मिलेगा। खरीफ़ 2024 में पंजीकृत कृषक जिन्होंने धान की फसल लगाई थी और समर्थन मूल्य पर धान बेचा था। उनके द्वारा खरीफ़ 2025 में धान फसल के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का आदि फसल की खेती की जाती है, तो उन्हें भी अब कृषक उन्नति योजना के तहत आदान राशि प्रदान की जाएगी। ये बड़ा निर्णय किसानों के हित में।सरकार ने किया है।और अरुण साव जी ने ये भी कहा की इस कैबिनेट बैठक में

मंत्री परिषद ने प्रदेश के विभिन्न विभागों, निगमों, मंडलों, कंपनियों, बोर्ड के पूर्व निर्मित एवं जर्जर भवनों तथा इनके स्वामित्व की अनुपयोगी शासकीय भूमि के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए रीडेवलपमेंट योजना अंतर्गत सात योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इसमें शांति नगर, रायपुर; बीटीआई, शंकर नगर, रायपुर; कैलाश नगर, राजनांदगांव; चांदनी चौक, फेज टू, जगदलपुर; सिविल लाइन, कांकेर; क्लब पारा, महासमुंद; और कटघोरा, कोरबा शामिल हैं। मंत्री परिषद द्वारा वाणिज्य कर, पंजीयन विभाग के अंतर्गत उच्च श्रेणी पंजीयक, लिपिक, पब्लिक रिकॉर्ड कीपर की तृतीय श्रेणी कार्यपालिक और पंजीयन के पद पर पदोन्नति के लिए विहित 5 वर्ष की न्यूनतम अर्हकारी सेवा को केवल एक बार के लिए न्यूनतम अर्हकारी सेवा 2 वर्ष निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारी-कर्मचारियों के हित में भी एक बड़ा निर्णय मंत्री परिषद ने लिया है

जिसके अंतर्गत भविष्य में सेवानिवृत्ति के समय पेंशन भुगतान संबंधी दायित्वों के बेहतर वित्तीय प्रबंधन हेतु छत्तीसगढ़ पेंशन फंड के गठन तथा इसकी प्रबंधन और विनियमन संबंधी विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। मंत्री परिषद द्वारा राज्य के दीर्घ, दीर्घकालिक आर्थिक विकास और राजकोषी स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड के गठन तथा इसकी प्रबंधन और विनियमन संबंधी विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे राज्य के राजस्व में असामान्य वृद्धि या कमी का समुचित प्रबंधन एवं आर्थिक मंदी के समय वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होगी। मंत्री परिषद द्वारा राज्य के लॉजिस्टिक सेक्टर के समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

इस पॉलिसी से छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा तथा निर्यात अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। राज्य की भौगोलिक स्थिति का लाभ लेते हुए लॉजिस्टिक सेक्टर तथा ई-कॉमर्स की राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों को लॉजिस्टिक हब की स्थापना के लिए निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा। राज्य की भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी जिससे प्रदेश के उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को सस्ती भंडारण सुविधा मिलेगी। प्रदेश में लॉजिस्टिक में लगने वाली लागत कम होने से व्यापार, निवेश और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। और साथ अरुण साव जी ने ये भी कहा कि इस नीति के माध्यम से ड्राई पोर्ट इन लैंड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहन करने से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा स्थानीय उत्पादकों को निर्यात बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

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