Asia Cup 2025: of boycott, India-Pakistan match

 

एशिया कप 2025 से पहले ही भारत में पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बहिष्कार की मांग ज़ोर पकड़ गई है. अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद यह आवाज़ें और तेज़ हो गईं, जिनमें राजनीतिक दल, पूर्व खिलाड़ी और आम जनता शामिल है।

Asia Cup 2025सोशल मीडिया पर #BoycottIndVsPak, #RespectForMartyrs जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। आम धारणा है कि आतंकवाद झेल रहे देश के साथ खेलना शहीदों के सम्मान का अपमान है.

Asia Cup 2025

BCCI और अिधकारियों का रुख

बीसीसीआई अधिकारियों ने भी इस बार मैच से दूरी बनाई है. अधिकांश वरिष्ठ पदाधिकारी, जैसे जय शाह व देवजीत सैकिया, यूएई गए ही नहीं। माना जा रहा है कि यह फैसला आमजन की भावनाओं और सोशल मीडिया के दबाव को देखते हुए लिया गया है. हालांकि सरकार की नीति के अनुसार, भारत केवल बहु-पक्षीय आयोजनों में पाकिस्तान के साथ खेलता है, और इस नीति का पालन किया गया.

 

मैदान पर तनाव का असर

राजनैतिक और सामाजिक तनाव के चलते मैदान का माहौल भी काफी सधा-सधा और तनावपूर्ण है. स्टेडियम में दर्शकों की भीड़ भी अपेक्षाकृत कम देखी जा रही है, जो आमतौर पर भारत-पाक मैचों में नहीं देखी जाती. पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा कि खिलाड़ी केवल बोर्ड और सरकार के निर्देशों का पालन करते हैं, उनका चयन में कोई निजी दखल नहीं होता.

 

विशेषज्ञों और जनभावना की राय

Asia Cup 2025 कई विशेषज्ञ मानते हैं कि भावनाओं के चलते रणनीतिक स्तर पर बहिष्कार भारत के खेल हितों के लिए नुकसानदेह कदम हो सकता है. साथ ही यह भी तर्क है कि इस बहिष्कार से पाकिस्तान पर कोई ठोस असर नहीं पड़ेगा, लेकिन भारत के खेल-राजनयिक सम्बन्धों को लंबी अवधि में नुकसान हो सकता है.

 

एशिया कप 2025 का भारत-पाकिस्तान मुकाबला महज़ एक क्रिकेट मैच नहीं रह गया है — यह राष्ट्रधर्म, भावनात्मक आक्रोश, कूटनीतिक चालों और सार्वजनिक राय के बीच उलझा बड़ा सवाल है, जिसमें भारत के खेल में तनाव और बँटाव साफ दिखता है.

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