AI-171 फ्लाइट हादसा, रिपोर्ट का इंतजार

AI-171 फ्लाइट

AI-171 फ्लाइट हादसा: 260 लोगों की मौत के बाद अब जांच रिपोर्ट का इंतजार, क्या फ्यूल कंट्रोल स्विच बना कारण?

12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही AI-171 फ्लाइट एयर इंडिया की फ्लाइट टेक ऑफ के कुछ सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, शुरुआती जांच रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक हो सकती है।

12 जून 2025 की सुबह, भारत की सिविल एविएशन इंडस्ट्री के इतिहास में एक काला दिन बन गया, जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही हादसे का शिकार हो गई। यह फ्लाइट लंदन जा रही थी, लेकिन टेक ऑफ के कुछ ही सेकंड बाद सीधे जमीन से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 241 यात्री फ्लाइट में सवार थे और बाकी नौ लोग जमीन पर मौजूद थे।

अब, इस त्रासदी को 29 दिन हो चुके हैं और लोगों की निगाहें उस प्रिलिमिनरी यानी शुरुआती जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो जल्द ही सामने आ सकती है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस रिपोर्ट को 11 जुलाई को जारी किए जाने की संभावना है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इस दुर्घटना ने न सिर्फ पीड़ित परिवारों को असहनीय दुख दिया है, बल्कि पूरे देश को हिला कर रख दिया है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जांच रिपोर्ट में कोई गंभीर लापरवाही सामने आती है, तो यह भारत की एविएशन सुरक्षा नीतियों पर सवाल उठा सकती है। भारत जैसे तेजी से बढ़ते हवाई यात्रा बाजार में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन बेहद ज़रूरी है।

हादसे के बाद विमानन उद्योग से जुड़े अधिकारियों, पायलट संगठनों और एयरलाइंस यूनियनों ने भी पारदर्शी जांच की मांग की है। अब सबकी निगाहें AAIB द्वारा जारी की जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस भयावह दुर्घटना की असली वजह उजागर करेगी।

जांच की जिम्मेदारी और दिशा

इस हादसे की जांच भारत सरकार के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है। ICAO (International Civil Aviation Organization) के नियमों के अनुसार, फ्लाइट दुर्घटना की शुरुआती रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर पेश की जानी चाहिए। भारत ICAO का सदस्य है, लेकिन एक संप्रभु देश होने के कारण यह निर्णय खुद ले सकता है कि नियमों का कितना पालन किया जाए।

इस हफ्ते संसद की एक समिति को बताया गया कि AAIB जल्द ही शुरुआती रिपोर्ट सार्वजनिक करेगा। हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट में पूरी तकनीकी वजह सामने नहीं आती, लेकिन जांचकर्ता फिलहाल “फ्यूल कंट्रोल स्विच” पर फोकस कर रहे हैं।

फ्यूल कंट्रोल स्विच क्या है और क्यों है चर्चा में?

फ्यूल कंट्रोल स्विच, विमान के दोनों इंजनों को ऊर्जा देने वाले यंत्रों में से एक है। आशंका यह है कि टेकऑफ के बाद इसमें कोई तकनीकी गड़बड़ी हो सकती है। हालांकि, अभी तक कोई स्पष्ट मैकेनिकल फेलियर सामने नहीं आया है। एयर इंडिया के चेयरमैन ने भी पहले स्पष्ट किया था कि विमान पूरी तरह मेंटेन था और कोई भी पेंडिंग तकनीकी इश्यू रिकॉर्ड में नहीं था।

पीड़ितों का गुस्सा और मुआवजा विवाद

हादसे के बाद पीड़ित परिवारों में गहरा रोष है। कुछ परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें मुआवजे के लिए दबाव डालकर बैंक डिटेल्स और बयान देने को कहा गया। एयर इंडिया ने इन आरोपों से इनकार किया है, लेकिन जनता का विश्वास और पीड़ितों की भावनाएं अभी तक शांत नहीं हो सकी हैं।

 

सिविल एविएशन सेक्टर पर असर

इस दुर्घटना ने न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया भर में भारतीय उड़ानों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जब भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन बाजार बनने की ओर अग्रसर है, ऐसे में इस तरह की त्रासदी कई सवाल खड़े करती है।12 जून को एयर इंडिया AI-171 फ्लाइट क्रैश में 260 की मौत, शुरुआती जांच रिपोर्ट जल्द। फ्यूल कंट्रोल स्विच पर जांच की नजर।

निष्कर्ष:

AI-171 फ्लाइट हादसा सिर्फ एक विमान दुर्घटना नहीं, बल्कि भारतीय एविएशन सिस्टम की साख पर एक बड़ी चोट है। शुरुआती जांच रिपोर्ट अब बस कुछ घंटों या दिनों की दूरी पर है। इससे यह पता चल सकेगा कि इस दर्दनाक हादसे की जड़ में क्या वजह थी – तकनीकी खामी, मानवीय चूक या कोई और बड़ा कारण।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *