सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड खतरे में? विराट कोहली का फॉर्म ही रोक सकता है जो रूट को इतिहास रचने से!”
क्या जो Joe Root क्रिकेट इतिहास में सचिन तेंदुलकर के सबसे ज़्यादा टेस्ट रनों के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं? यह सवाल अब क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है। लेकिन जानकारों का मानना है कि रूट के इस सफर की सबसे बड़ी रुकावट खुद Virat Kohli का टेस्ट करियर और उनका मौजूदा फॉर्म हो सकता है।
Joe Root vs Virat Kohli:कौन रोकेगा तेंदुलकर का टेस्ट रन रिकॉर्ड टूटने से?”
🔹 तेंदुलकर का रिकॉर्ड
सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में 200 टेस्ट मैचों में 15,921 रन बनाए। ये रिकॉर्ड आज भी अटूट बना हुआ है। हालांकि अब इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो Joe Root जो केवल 34 साल के हैं, इस आंकड़े के सबसे करीब दिख रहे हैं।
🔹 जो रूट कहां तक पहुंचे?
अब तक जो रूट ने 143 टेस्ट मैचों में लगभग 12,500+ रन बना लिए हैं। यानी उन्हें सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए लगभग 3,400 रनों की ज़रूरत है। अगर Joe Root अगले 3-4 साल तक लगातार खेलते रहे और औसतन 800 से 1,000 रन सालाना बना पाए, तो वह रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।
🔹 विराट कोहली का प्रभाव
अब सवाल उठता है – विराट कोहली इस कहानी में कहाँ फिट होते हैं?
दरअसल, कोहली अब 36 साल के हो चुके हैं और उनके टेस्ट करियर पर सवाल उठ रहे हैं। साल 2023 के बाद से उन्होंने टेस्ट में बहुत सीमित पारियां खेली हैं और उनका फॉर्म भी स्थिर नहीं रहा। अगर कोहली संन्यास लेते हैं या फिर टेस्ट टीम से हटते हैं, तो BCCI और ICC को टेस्ट फॉर्मेट के ग्लोबल मार्केटिंग के लिए नए चेहरे की ज़रूरत होगी। ऐसे में जो रूट को ज्यादा टेस्ट खेलने के मौके दिए जा सकते हैं।
वहीं, अगर कोहली टेस्ट में वापसी करते हैं और शानदार फॉर्म में रहते हैं, तो क्रिकेट बोर्ड्स को marquee मुकाबलों में उनके नाम का सहारा मिलेगा। ऐसे में टेस्ट क्रिकेट की तुलना में सीमित प्रारूपों को प्राथमिकता दी जा सकती है – जिससे जो रूट के टेस्ट मैचों की संख्या सीमित हो सकती है।
🔹 टेस्ट क्रिकेट का भविष्य और रिकॉर्ड्स की दौड़
यह भी एक तथ्य है कि टेस्ट क्रिकेट का कैलेंडर अब सीमित होता जा रहा है। यदि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड जो रूट को अधिक टेस्ट खेलने के लिए प्राथमिकता देता है, तभी वह सचिन के रिकॉर्ड के पास पहुंच सकते हैं।
🔹 निष्कर्ष
जो रूट की काबिलियत पर कोई शक नहीं है, लेकिन सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड तक पहुंचना आसान नहीं। और अब यह सिर्फ बल्लेबाजी या फिटनेस की बात नहीं रही – यह क्रिकेट की राजनीति, कैलेंडर और बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी पर भी निर्भर करता है।
और इस सब में Virat Kohli की टेस्ट में वापसी, उनका प्रदर्शन और टेस्ट क्रिकेट में उनकी भूमिका… ये तय कर सकती है कि Root इतिहास रच पाएंगे या नहीं।