3200 करोड़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, ईडी ने नहीं मांगी कस्टडी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को आज अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस बार कोर्ट में चैतन्य की कस्टडी की कोई मांग नहीं की, जिससे कई सवाल भी उठ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने अब तक चैतन्य बघेल से लगातार पांच दिनों तक पूछताछ की है और इस दौरान कई अहम जानकारियाँ हाथ लगी हैं। माना जा रहा है कि एजेंसी ने अभी अपनी पूछताछ की अगली रणनीति तैयार करते हुए कस्टडी के दिनों को संभालकर रखा है। जब जांच का अगला चरण शुरू होगा, तो ईडी दोबारा कस्टडी की मांग कर सकती है।
आपको बता दें कि चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में गिरफ्तार किया गया है। शुरुआत में यह घोटाला ₹2000 करोड़ का माना जा रहा था, लेकिन जांच के बाद इसकी राशि ₹3200 करोड़ तक पहुंच चुकी है। इस मामले में पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और ईडी की कार्रवाई अभी भी जारी है।
आज कोर्ट में पेशी के दौरान चैतन्य बघेल को शांत लेकिन गंभीर मुद्रा में देखा गया। उनके वकीलों ने ज़मानत की मांग नहीं की, जिससे अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि बचाव पक्ष अभी रणनीति बना रहा है।
ईडी इस घोटाले की जड़ तक पहुंचने के लिए लगातार वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, फर्जी कंपनियों और राजनैतिक गठजोड़ों की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और भी बड़े नामों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक प्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। शराब घोटाले की गूंज केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले पर नजर बनी हुई है।