भिलाई में फिर सक्रिय हुआ अमित जोश गैंग

भिलाई में फिर सक्रिय

भिलाई में फिर सक्रिय हुआ अमित जोश गैंग? लकी जॉर्ज और यशवंत नायडू ने बीएसपी कर्मी पर किया तलवार से हमला

 

भिलाई में एक बार फिर से कुख्यात अपराधी अमित जोश के गैंग का आतंक देखने को मिला है। इस बार अमित जोश के जीजा लकी जॉर्ज और उसके साथी यशवंत नायडू ने मिलकर एक बीएसपी कर्मी पर तलवार से जानलेवा हमला कर दिया। घटना रात लगभग 10 बजे की है, जब पीड़ित व्यक्ति अपने निजी कार्य से बाज़ार क्षेत्र में पहुँचा था।

 

घटना का पूरा विवरण

सूत्रों के अनुसार, पीड़ित व्यक्ति अपनी बाइक (CG07L N 8533) से मार्केट पहुंचा था। दुकानें बंद हो चुकी थीं। इसी दौरान एक कार में सवार लकी जॉर्ज और यशवंत नायडू वहाँ पहुँचे और गाली-गलौज करने लगे। जब पीड़ित ने उन्हें टोका, तो दोनों ने मिलकर उसके साथ हाथापाई शुरू कर दी।

लकी जॉर्ज ने अपनी कार से सिल्वर कलर की तलवार निकाली और वार कर दिया। पीड़ित ने जैसे-तैसे खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन सिर पर गहरा वार हुआ, जिससे वह बेहोश हो गया। बाद में किसी राहगीर से लिफ्ट लेकर घायल व्यक्ति ने अस्पताल पहुँचकर इलाज करवाया और पुलिस को सूचना दी।

 

चोट की स्थिति और बयान

पीड़ित के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं और डॉक्टरों ने नौ टाँके लगाए हैं। उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घायल बीएसपी कर्मी और उसके दोस्तों ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि हमलावरों ने पहले भी डराने-धमकाने की कोशिश की थी।

 

गोलीकांड से गैंग की हिंसक छवि

गौरतलब है कि 26 जून को भिलाई के चौक क्षेत्र में एक गोलीकांड हुआ था, जिसमें अमित जोश और यशवंत नायडू मुख्य आरोपी थे। बाद में इस केस की जांच में लकी जॉर्ज का नाम भी सामने आया, क्योंकि गोलीकांड के बाद अमित जोश ने हथियार अपने जीजा लकी के पास छिपा दिए थे। पुलिस जब लकी जॉर्ज के घर पहुँची तो वही हथियार अलमारी से बरामद किए गए।

इसके बाद 6 नवंबर को एक पुलिस मुठभेड़ में अमित जोश का एनकाउंटर कर दिया गया था। तब ऐसा माना जा रहा था कि उसके बाद यह गैंग शांत हो जाएगा। लेकिन हालिया हमले से साफ है कि गैंग के सदस्य अब भी सक्रिय हैं और आम लोगों को निशाना बना रहे हैं।

 

पुलिस की प्रतिक्रिया

पुलिस को सूचना मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। हमलावरों की तलाश शुरू हो गई है। CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और पीड़ित के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।

 

सवाल खड़े करता है यह हमला

क्या अमित जोश के मारे जाने के बावजूद उसका गैंग अब भी सक्रिय है?

क्या पुलिस की कार्रवाई डर पैदा करने में असफल रही है?

क्या आम नागरिक अब भी सुरक्षित हैं?

 

यह मामला न केवल भिलाई की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अपराधी अब भी खुलेआम हिंसक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

 

(यह स्टोरी अभी भी विकसित हो रही है, और जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, आपको अपडेट किया जाएगा।)

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