छत्तीसगढ़ में हाईटेक नकल कांड नया अपडेट।

छत्तीसगढ़ में हाईटेक नकल कांड: शिक्षक बहनों की करतूत से हड़कंप, पुलिस की जांच में रोज नए खुलासे ।

(छत्तीसगढ़)बिलासपुर में PWD सब-इंजीनियर परीक्षा में अंडमान से आई बहनों ने हाईटेक डिवाइसेज़ से की नकल, NSUI के अलर्ट से हुआ भंडाफोड़

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र में हुए स्वामी आत्मानंद स्कूल में आयोजित PWD सब-इंजीनियर परीक्षा में हुए हाईटेक नकल कांड ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो बहनों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक स्कूल टीचर और दूसरी सिर्फ 12वीं पास है, लेकिन तकनीकी संसाधनों के जरिए उसने नकल में बहन की मदद की।

छत्तीसगढ़ में हाईटेक नकल कांड

❖ नकल का पूरा प्लान: 

आरोपी बहनें अन्नू सूर्या और अनुराधा सूर्या मूल रूप से जशपुर जिले के कापा गांव की रहने वाली हैं। कुछ वर्षों से ये अंडमान-निकोबार में रह रही थीं और हाल ही में वापस लौटी थीं।

अन्नू सूर्या: B.Tech कर चुकी है और लोयला इंग्लिश मीडियम स्कूल, कुंकुरी में टीचर है। परीक्षा केंद्र में बैठकर नकल कर रही थी।

अनुराधा सूर्या: केवल 12वीं पास है लेकिन ब्लूटूथ, वॉकी-टॉकी और कैमरा जैसी हाईटेक डिवाइसेज़ की मदद से बाहर बैठे-बैठे बहन को उत्तर बता रही थी।

पुलिस को ऑटो में बैठी अनुराधा के पास से 7 डिवाइस बरामद हुए हैं — जिसमें हिडन कैमरा, माइक्रो स्पीकर, टैबलेट, मोबाइल और ब्लूटूथ डिवाइस शामिल हैं।

 

❖ कैसे हुआ भंडाफोड़? NSUI की सतर्कता बनी हथियार

इस हाईटेक चीटिंग की भनक NSUI कार्यकर्ताओं को लग गई। उन्होंने जब जांच की मांग की, तब जाकर पूरा मामला उजागर हुआ। जानकारी के अनुसार, अन्नू ने परीक्षा के करीब 100 सवाल हल कर लिए थे, और अगर पकड़ी न जाती, तो संभवतः टॉपर भी बन सकती थी।

 

❖ पुलिस की जांच में चौंकाने वाले तथ्य

सरकंडा पुलिस द्वारा की गई जांच में निम्नलिखित बातें सामने आईं:

डिवाइस बेंगलुरु की एक कंपनी से कोरियर के जरिए मंगवाए गए थे।

रिमांड पर ली गई पूछताछ में पता चला कि नकल के लिए पूरा टेक सेटअप तैयार किया गया था।

अन्नू सूर्या के कमरे की भी तलाशी ली जा रही है जहां वह कुंकुरी में किराए पर रहती है।

जांच के तहत पुलिस की एक टीम आरोपियों के मूल गांव कापा पहुंची है।

 

❖ व्यापम ने जारी किए दिशा-निर्देश, लेकिन देरी क्यों हुई?

मामले के बाद CG व्यापम ने परीक्षा सुरक्षा को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि ऐसी तकनीकी नकल से बचाव के इंतज़ाम पहले से क्यों नहीं थे?

 

❖ कुछ बड़े सवाल, जिनका जवाब अब भी बाकी है

1. परीक्षा केंद्र रामदुलारे स्कूल की भूमिका संदिग्ध क्यों है, और कोई जांच क्यों नहीं?

2. सिर्फ दो बहनों को ही दोषी ठहराना क्या न्यायसंगत है?

3. 40 अन्य लोगों की संलिप्तता की चर्चा हो रही है, तो बाकी केंद्रों की जांच क्यों नहीं?

4. FIR दर्ज करने में 7 घंटे की देरी क्यों हुई?

5. NSUI कार्यकर्ताओं को प्रार्थी क्यों नहीं बनाया गया?

 

❖ विपक्ष की मांग: परीक्षा रद्द हो

NSUI और विपक्षी दलों का कहना है कि यदि यह हाईटेक नकल एक सेंटर में हुई है, तो बाकी सेंटरों की भी जांच होनी चाहिए। पूरी परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से आयोजन की मांग की जा रही है।

निष्कर्ष

यह मामला छत्तीसगढ़ की परीक्षा प्रणाली और उसकी निगरानी व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े करता है। एक शिक्षिका और एक 12वीं पास छात्रा द्वारा अंजाम दिया गया यह हाईटेक नकल कांड न सिर्फ चौंकाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि टेक्नोलॉजी का गलत उपयोग कैसे शिक्षा व्यवस्था की नींव को हिला सकता है। अब देखना है कि जांच में और क्या-क्या सामने आता है, और सरकार इस पर क्या ठोस कदम उठाती है।

 

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