छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन लगभग तैयार: जानिए क्या होगा इसमें खास?
रायपुर, जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ की राजनीति और शासन व्यवस्था के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। राज्य की राजधानी नया रायपुर के सेक्टर 19 में 51 एकड़ में फैला नया विधानसभा भवन लगभग बनकर तैयार हो चुका है। यह भवन न सिर्फ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, बल्कि इसे अगले 100 वर्षों तक उपयोग में लाने के दृष्टिकोण से बनाया गया है।
सितंबर तक होगा निर्माण पूर्ण, 1 नवंबर को लोकार्पण की तैयारी
सरकार का लक्ष्य है कि सितंबर 2025 तक यह भवन पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाए, ताकि 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर इसका लोकार्पण किया जा सके। लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने हाल ही में इस भवन का निरीक्षण किया और बताया कि सिविल वर्क लगभग पूरा हो चुका है और अब इंटीरियर वर्क तेज़ी से चल रहा है।
छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का सुंदर समन्वय है। यह भवन नवा रायपुर के सेक्टर 19 में 51 एकड़ ज़मीन पर तैयार किया गया है। इसमें 200 विधायकों के बैठने की क्षमता है और भविष्य के परिसीमन को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। भवन में अत्याधुनिक तकनीकों जैसे सोलर पैनल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, फायर फाइटिंग सिस्टम और डिजिटल ऑडियो-वीडियो सिस्टम का समावेश किया गया है। इसमें पत्रकार, अधिकारी और आम नागरिकों के लिए अलग-अलग दीर्घाएं बनाई गई हैं। यह भवन आने वाले 100 वर्षों तक राज्य की राजनीति का केंद्र बनने वाला है।
250 करोड़ की लागत, 200 विधायकों की क्षमता
इस अत्याधुनिक भवन की अनुमानित लागत 250 से 324 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इसमें 200 विधायकों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जबकि वर्तमान में राज्य में 90 विधायक हैं। लेकिन 2026 के प्रस्तावित परिसीमन के बाद ये संख्या 120 तक पहुंच सकती है। भविष्य की इसी वृद्धि को ध्यान में रखते हुए इसमें 200 सीटों का प्रावधान रखा गया है।
भवन में क्या-क्या सुविधाएं होंगी?
नया विधानसभा भवन न सिर्फ भव्य है, बल्कि यह आधुनिक तकनीकों से लैस भी है:
500 सीटों वाला ऑडिटोरियम
विधायक, मंत्री, पूर्व विधायक व पत्रकारों के लिए अलग-अलग ब्लॉक
अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार
रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
300 किलोवाट सोलर पैनल
फायर फाइटिंग सिस्टम
अत्याधुनिक ऑडियो-वीडियो व्यवस्था
इतिहास की झलक: कहां से शुरू हुआ सफर?
छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद 14 दिसंबर 2000 को पहला विधानसभा सत्र राजकुमार कॉलेज, रायपुर के जसपुर हॉल में हुआ था। इसके बाद 27 फरवरी 2001 से परौधा ग्राम स्थित वर्तमान विधानसभा भवन में सत्र चलने लगे, जो रायपुर-मुलवा बाज़ार मार्ग पर स्थित है। अब दो दशक बाद, विकास की नई रफ्तार के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर नए भवन में प्रवेश करने जा रहा है।
पुराना भवन, आखिरी मानसून सत्र
14 जुलाई से 18 जुलाई 2025 तक चलने वाला मानसून सत्र पुराने विधानसभा भवन का अंतिम सत्र होगा। इसके बाद दिसंबर-जनवरी में होने वाला शीतकालीन सत्र नए भवन में आयोजित किया जाएगा।
शुरुआत की नींव कोरोना काल में रखी गई
इस नए भवन की आधारशिला 28 अगस्त 2020 को कांग्रेस सरकार के दौरान रखी गई थी। सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने वर्चुअली इस आयोजन में हिस्सा लिया था। हालांकि, कोविड-19 महामारी के चलते निर्माण कार्य में बाधा आई और लागत में भी वृद्धि हुई।
निष्कर्ष: नया भवन, नया युग
छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा भवन आधुनिक भारत की लोकतांत्रिक शक्ति का प्रतीक होगा। यह भवन न केवल राज्य की वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में शासन की दिशा को भी आकार देगा।
लेखक नोट: इस खबर का उद्देश्य पाठकों को छत्तीसगढ़ के विकास में हो रहे एक बड़े परिवर्तन की जानकारी देना है। जैसे-जैसे निर्माण पूरा होता है, और नई तस्वीरें सामने आती हैं,