सोनम हत्याकांड: तीन वकील हायर

सोनम हत्याकांड

सोनम हत्याकांड: तीन वकील हायरके, नार्को टेस्ट की उठी मांग, परिजन बोले – साजिश गहरी है

शिलॉन्ग/दिल्ली। सोनम हत्याकांड में एक बार फिर बड़ा अपडेट सामने आया है। मृतक राजा रघुवंशी के परिजनों ने केस को मज़बूती से लड़ने के लिए शिलॉन्ग और दिल्ली में कुल तीन वकीलों को नियुक्त कर लिया है। परिवार का कहना है कि केस पूरी तरह परिस्थिति जन्य साक्ष्यों (circumstantial evidence) पर आधारित है, ऐसे में पेशेवर कानूनी सहायता की ज़रूरत थी।

परिजनों का कहना है कि अब वे आरोपियों के नार्को टेस्ट की मांग को लेकर शिलॉन्ग हाई कोर्ट का रुख करेंगे और ज़रूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने प्रेस को बताया कि “मर्डर की असली वजह जाननी ज़रूरी है। अभी तक जो कारण पुलिस ने बताए हैं, वे हमें अधूरे लगते हैं।”

पुलिस ने बताया ‘प्रेम प्रसंग’ को हत्या की वजह

प्रेम प्रसंग' को हत्या की वजह

शिलॉन्ग पुलिस की ओर से जो अब तक की जांच में सामने आया है, उसके मुताबिक सोनम और राज के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों ने राजा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई ताकि बाद में संपत्ति पर अधिकार जमाया जा सके और शादी की राह आसान हो जाए। पुलिस ने इस थ्योरी को हत्या का मुख्य मोटिव बताया है। लेकिन परिजनों को शक है कि इसके पीछे और भी कोई बड़ा नेटवर्क या साजिश काम कर रही है।

नार्को टेस्ट के लिए कोर्ट में दी जाएगी अर्जी

परिवार की ओर से कहा गया है कि जल्द ही कोर्ट में नार्को टेस्ट की मांग को लेकर अर्जी दाखिल की जाएगी। परिजनों ने यह भी स्पष्ट किया कि कानूनन आरोपी की सहमति के बिना नार्को टेस्ट नहीं किया जा सकता क्योंकि इसमें केमिकल ड्रग्स दिए जाते हैं। तीनों वकीलों की टीम कोर्ट में यह पक्ष रखेगी कि नार्को टेस्ट क्यों ज़रूरी है।

आरोपियों ने अदालत में पलटी बयान

केस में दो आरोपी पहले मैजिस्ट्रेट के सामने दिए अपने बयान से मुकर गए हैं। उन्होंने अब यह दावा किया है कि वे सोनम की रक्षा करने वहां पहुंचे थे। वहीं, मुख्य आरोपी विशाल और सोनम की ओर से कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अगर हाई कोर्ट में याचिका खारिज होती है, तो परिजन सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

दो मंगलसूत्र और ज़हर की शीशियाँ बढ़ा रहे हैं शक

राजा के भाई विपिन ने यह भी दावा किया कि मौके पर दो मंगलसूत्र और ज़हर की दो शीशियाँ मिली थीं। इससे संदेह और गहरा गया है कि सोनम की ज़िंदगी में कोई और भी हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह सवाल उठाया कि यदि यह पूरी साजिश राज और सोनम ने की थी, तो उनके परिवारों को इस बारे में पहले से जानकारी क्यों नहीं थी?

 

आठों आरोपी जेल में, लेकिन सवाल अभी बाकी

फिलहाल इस केस में आठों आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस को एक मोटिव तो मिला, लेकिन परिवार अब भी इसे अधूरा मान रहा है। उनका कहना है कि नार्को टेस्ट के ज़रिए ही कई अनसुलझे सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।

 

सरकारी वकील बनाम निजी कानूनी टीम

इस केस में आरोपियों की तरफ से सरकार वकील मुहैया कराती है, जबकि पीड़ित पक्ष की पैरवी पुलिस और सरकारी वकील करते हैं। लेकिन राजा के परिवार ने अलग से तीन वकील रखे हैं जो कोर्ट की इजाजत से केस में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। अब देखना होगा कि इन वकीलों की रणनीति कितना असर डालती है।

निष्कर्ष:

सोनम हत्याकांड में आए दिन नए मोड़ सामने आ रहे हैं। परिजन अब केस को एक बड़े साज़िश की ओर इशारा मान रहे हैं और कोर्ट में नार्को टेस्ट की मांग के ज़रिए सच सामने लाने की कोशिश में लगे हैं।

 

 

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