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भिलाई में भारी बारिश से बाढ़ का माहौल:

भिलाई में भारी बारिश से बाढ़ का माहौल

भिलाई में भारी बारिश से बाढ़ का माहौल: घरों में घुसा पानी, राशन-गैस बहा, सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग

(भिलाई, छत्तीसगढ़ )छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर भिलाई में बीते 48 घंटों से जारी मूसलधार बारिश ने हालात को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। लगातार बारिश से शहर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। निचले इलाकों में जलभराव इतना गंभीर हो चुका है कि लोगों के घर रहने लायक नहीं बचे हैं।

सुपेला, कोहका, वैशाली नगर, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पुराना भिलाई और छावनी क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर चार से पांच फीट पानी भर गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। कई घरों में पानी घुस गया है और वहां रखा राशन, गैस सिलेंडर, पीने का पानी, बिस्तर और जरूरी सामान बह चुका है।

घरों में घुसा पानी, लोग हुए बेघर

बाढ़ के कारण सैकड़ों लोग अपने ही घरों में फंसे हुए हैं या फिर उन्होंने ऊंचे स्थानों पर शरण ले ली है। घरों के अंदर इतना पानी भर गया है कि वहां रहना संभव नहीं रहा। दीवारों में सीलन, फर्नीचर की टूटफूट और सामान की बर्बादी के चलते लोग गहरे संकट में हैं।

सुपेला की एक महिला रेखा साहू बताती हैं, “हमारे पास जो थोड़ा बहुत राशन था, वो सब बह गया। गैस सिलेंडर भी पानी में流 गया। बच्चों को दूध देने की भी व्यवस्था नहीं है। प्रशासन से कोई मदद अब तक नहीं मिली।”

बिजली और पानी की आपूर्ति भी ठप

बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली काट दी गई है, और पानी की सप्लाई भी बंद हो चुकी है। कई मोहल्लों में लोग पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। जल बोर्ड द्वारा सप्लाई किया गया पानी गंदा और कीचड़ मिश्रित आ रहा है, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।

 

प्रशासन और सरकार की उदासीनता

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि प्रशासन ने हालात को गंभीरता से नहीं लिया। अब तक किसी भी बाढ़ प्रभावित इलाके में राहत शिविर, मेडिकल कैंप या राहत सामग्री नहीं पहुंचाई गई है। नगर निगम और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें सिर्फ कागजों पर सक्रिय हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि ठाकुर का कहना है, “ये प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही है। हर साल ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन कोई सीख नहीं ली जाती।”

 

सरकार से तत्काल राहत की मांग

स्थानीय निवासियों ने राज्य सरकार से मांग की है कि त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत और पुनर्वास कार्य शुरू किए जाएं। प्रभावित परिवारों को राशन, पीने का साफ पानी, अस्थायी आवास और स्वास्थ्य सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।

कोहका निवासी मनोज तिवारी ने बताया, “हमारे पास अब कुछ नहीं बचा। ना राशन, ना पानी, ना गैस। घर में इतना पानी घुस गया है कि रहने का सवाल ही नहीं उठता। सरकार को हमारी मदद करनी चाहिए।”

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन अभी तक पूरी तरह नदारद है। लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से कई बार मदद की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। न तो नगर निगम की तरफ से जल निकासी की व्यवस्था की गई है, और न ही राहत शिविरों की स्थापना हुई है।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और तेज बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। प्रशासन को तुरंत सतर्कता बरतनी चाहिए और स्थायी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।

 

निष्कर्ष

भिलाई में बारिश से उत्पन्न संकट ने एक बार फिर से सरकारी तैयारियों की पोल खोल दी है। लोगों का जीवन संकट में है और अब भी प्रशासनिक सुस्ती जारी है। सरकार को चाहिए कि बिना देरी किए राहत शिविर, खाद्य सामग्री, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराए और उन लोगों को पुनर्वास की सुविधा दे जो बेघर हो चुके हैं। अब वक्त है वायदों से आगे बढ़कर जमीन पर काम करने का।

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