2025 के लिए ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख आम करदाताओं (जिन्हें ऑडिट की जरूरत नहीं है) के लिए 15 सितंबर 2025 तय की गई है। हालांकि, तकनीकी समस्याओं और नई रिपोर्टिंग चुनौतियों के कारण तारीख बढ़ाने की मांग लगातार हो रही है, लेकिन अभी तक सरकार ने आगे बढ़ाने का कोई ऐलान नहीं किया है। हर करदाता वर्ग की ITR की आखिरी तारीख अलग है – इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है.
2025 ITR फाइलिंग की अंतिम तारीखें
करदाता का वर्ग ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख
आम व्यक्ति/HUF (ऑडिट न जरूरी) 15 सितंबर 2025
बिजनेस/प्रोफेशनल (ऑडिट जरूरी) 31 अक्टूबर 2025
इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन या ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट 30 नवंबर 2025
बिलेटेड या संशोधित रिटर्न 31 दिसंबर 2025
अपडेटेड रिटर्न 31 मार्च 2030
क्या ITR की आखिरी तारीख बढ़ सकती है?
कई चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, टैक्स सलाहकारों और संस्था ने सरकार से ITR व ऑडिट रिपोर्ट की तारीखें और बढ़ाने की मांग की है.
इसका मुख्य कारण तकनीकी समस्याएं, पोर्टल की गड़बड़ियां, डेटा मिसमैच (AIS और 26AS), नई रिपोर्टिंग फॉर्मेट और त्योहार के समय की चुनौतियां हैं.
अभी तक CBDT या वित्त मंत्रालय से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दबाव जरूर बन रहा है।
हर करदाता को क्या ध्यान रखना चाहिए?
समय रहते फाइल करें, ताकि लेट फीस (₹5,000 तक) और ब्याज व कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके.
अगर तय तारीख तक फाइल नहीं की तो 31 दिसंबर 2025 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं, मगर पेनल्टी लगेगी.
ITR समय पर फाइल करने से रिफंड जल्दी मिलता है, भविष्य में लोन, क्रेडिट जैसे फायदों में मदद मिलती है।
न्यूज़ के लिए सामग्री
हेडलाइन: “आम करदाताओं के लिए ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख 15 सितंबर 2025 – क्या बढ़ेगी तारीख, जानिए हर वर्ग के लिए निर्धारित डेडलाइन”
इंट्रो: आयकर विभाग ने 2025 के लिए रिटर्न फाइलिंग की आखिरी तारीख बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी है। अब तक पांच करोड़ से ज्यादा रिटर्न फाइल हो चुके हैं, मगर अभी भी कई अस्सीसीज और टैक्स प्रोफेशनल्स तारीख बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
बॉडी: हर करदाता वर्ग के लिए अलग-अलग डेडलाइन तय की गई है। तकनीकी परेशानियों और बदलते फॉर्मेट के कारण अरबों करदाताओं की परेशानी बढ़ी है। CAs और अन्य संगठन सरकार से और एक्सटेंशन की मांग कर रहे हैं। समय पर रिटर्न न फाइल करने पर लेट फीस, ब्याज और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
निचोड़: फिलहाल 15 सितंबर 2025 ही सबसे जरूरी डेडलाइन है – इसे आगे बढ़ाने का फैसला सरकार की ओर से शीघ्र आ सकता है, मगर तय तारीख ही मानकर काम करें।