साइबर ठगों ने गर्भवती महिलाओं से 21 हजार की ठगी की

साइबर ठगों ने

राजनांदगांव के परमाणकसा गांव में साइबर ठगों का नया हथकंडा: गर्भवती महिलाओं से मातृ वंदना योजना के नाम पर 21 हजार की ठगी

साइबर ठगों ने अब गर्भवती महिलाओं को भी अपने निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। ताजा मामला राजनांदगांव जिले के परमाणकसा गांव से सामने आया है, जहां तीन महिलाओं के खातों से सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ₹21,000 से अधिक की ठगी की गई है।

कैसे रची गई ठगी की साजिश?

साइबर ठगों ने खुद को राजनांदगांव जिला अस्पताल का कर्मचारी “अविनाश कुमार” बताकर कॉल किया। उन्होंने गांव की मितानिन श्रीमती प्रभा साहू को कॉन्फ्रेंस कॉल में जोड़कर गर्भवती और शिशुवती महिलाओं की जानकारी ली।

फिर सरकारी योजना — मातृत्व वंदना योजना के तहत ₹5,000-6,000 दिलाने का झांसा दिया गया। इसके बाद ठगों ने महिलाओं के मोबाइल नंबरों पर एक स्कैनर भेजा, और ऑटो पे के ज़रिए उनके खातों से पैसे निकाल लिए।

किस तरह की गई ठगी?

एक महिला से ₹5,000

दूसरी से ₹7,000

तीसरी से ₹9,000

> कुल ठगी: ₹21,000

सवाल उठता है – डेटा कैसे पहुंचा ठगों तक?

सरपंच प्रतिनिधि रामकृष्ण साहू ने इस बात पर चिंता जताई कि ठगों के पास गांव की मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, और गर्भवती महिलाओं के नाम, मोबाइल नंबर, और अन्य व्यक्तिगत जानकारी पहले से ही उपलब्ध थी। इससे यह संदेह गहरा गया है कि स्वास्थ्य विभाग से डेटा लीक हुआ हो सकता है।

रामकृष्ण साहू ने कहा:

> “मैं क्षेत्रवासियों से अपील करता हूं कि किसी से OTP या ऑटो पे लिंक शेयर न करें। मितानिनों को भी सावधानी बरतनी होगी और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले अपने उच्च अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए।”

जिला पंचायत सभापति ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

देवकुमारी साहू, सभापति, जिला पंचायत राजनांदगांव ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा:

> “सरकारी योजनाओं को बदनाम करने और महिलाओं को आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले साइबर ठगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। हमने इस संबंध में एसपी राजनांदगांव को ज्ञापन सौंपा है।”

उन्होंने मितानिन और ग्रामवासियों से सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि

> “आज ₹20,000 की ठगी हुई है, कल किसी और बड़े फर्ज़ीवाड़े की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।”

क्या कहता है प्रशासन?

मामला अब राजनांदगांव पुलिस के संज्ञान में है और जांच जारी है।

सावधान रहें, सतर्क रहें

OTP या QR कोड शेयर न करें

किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें

ऑटो पेमेंट को तभी स्वीकृति दें जब आप पूर्णतः आश्वस्त हों

किसी भी सरकारी योजना के बारे में सिर्फ़ अधिकृत स्वास्थ्य कार्यकर्ता या विभाग से जानकारी लें

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