शराब घोटाला मामला में आया नया अपडेट।

शराब घोटाला

छत्तीसगढ़ में 3200 करोड़ का शराब घोटाला: EOW की चौथी चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे

(शराब घोटाला)छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान हुए शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) ने चौथी चार्जशीट दायर की है, जिसमें घोटाले की राशि अब 3200 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। पहले जहां यह घोटाला 2100 करोड़ रुपये का बताया जा रहा था, अब नए चालान के मुताबिक इसमें और 1000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।

चार्जशीट में 29 आबकारी अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से कई अब भी पदस्थ हैं जबकि कुछ रिटायर हो चुके हैं। इतना ही नहीं, इस चालान में यह भी उल्लेख है कि हर महीने दुर्ग जिले के एक शक्तिशाली राजनेता को ₹20 करोड़ की राशि भेजी जाती थी। हालांकि, अधिकारी का नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

“छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा शराब घोटाला: 3200 करोड़ की चौंकाने वाली लूट!”

 

3100 करोड़ की शराब पेटियों का कोई सरकारी रिकॉर्ड नहीं

शराब घोटाला में ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया है कि शराब की पेटियों को बिना किसी वैध रिकॉर्ड के बाजार में बेचा गया। यह शराब बिना ड्यूटी चुकाए सीधे दुकानों में पहुंचाई जाती थी, और बिक्री से प्राप्त धनराशि सीधे अधिकारियों और राजनेताओं में सिंडिकेट के माध्यम से बांटी जाती थी।

चार्जशीट के मुताबिक, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, कबीरधाम, बालोद, महासमुंद, धमतरी, बलौदा बाजार, गरियाबंद, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, कोरबा, बेमेतरा और रायगढ़ जैसे 15 जिलों में यह अवैध शराब कारोबार संचालित किया गया। सरगुजा और बस्तर को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख जिलों को टारगेट किया गया था।

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पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और अन्य बड़े नाम शामिल शराब घोटाला मामले में

इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा पहले से ही जेल में हैं। इसके अलावा अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को इस घोटाले का मास्टरमाइंड बताया गया है। लक्ष्मी ध्रुव, जो एक पूर्व विधायक हैं, उनके रिटायर्ड पति एमएल ध्रुव को भी आरोपी बनाया गया है।

 

शराब घोटाला में कमीशन का खेल: अफसरों ने करोड़ो का किया भ्रष्टाचार 

चार्जशीट में कई अधिकारियों के नाम और उनके द्वारा खपाई गई शराब की पेटियों और उन्हें मिले कमीशन की विस्तृत जानकारी दी गई है:

नोहर सिंह ठाकुर (दुर्ग): ₹79 लाख की पेटी खपाई, ₹1.10 करोड़ कमीशन

नीतुल सोनी (बिलासपुर): ₹50 लाख की पेटी, ₹70 लाख कमीशन

अरविंद पाटिल (रायपुर-दुर्ग): ₹52.5 लाख की पेटी, ₹74.4 लाख कमीशन

नवीन प्रताप तोमर (सरोज बाजार): ₹40 लाख की पेटी, ₹67 लाख कमीशन

राजेश जायसवाल (चांपा): ₹4.79 लाख की पेटी, ₹1 लाख कमीशन

जनार्दन कोरा (रायपुर): ₹8.58 लाख की पेटी, ₹4 लाख कमीशन

इसके अलावा विकास गोस्वामी, दिनेश वासनिक, इकबाल खान, अनिमेष ताम्बर, सौरभ बक्शी, अमित आरा, मोहित यशपाल, आशीष कौसम, फाल्गुनी, ए के एस सिंह और अन्य अधिकारियों के नाम भी सूची में हैं, जिन पर जांच जारी है।

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 कोर्ट की नाराजगी और अगली सुनवाई

20 अगस्त को सभी संबंधित अधिकारियों को कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। पिछली सुनवाई में एक भी अधिकारी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ था, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की थी। चार्जशीट के अनुसार, एक आरोपी अधिकारी अशोक सिंह अब जीवित नहीं हैं, फिर भी उन्हें सिंडिकेट का हिस्सा बताते हुए नामित किया गया है।

 

अब तक की सबसे बड़ी चार्जशीट

3100 पन्नों की इस चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि शराब पेटियों पर डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर उन्हें वैध दिखाया गया और इस प्रक्रिया में करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई। एजेंसी के अनुसार, अब तक 370 करोड़ की देसी शराब से जुड़े घोटाले का पता चल चुका है। विदेशी शराब और बीयर से जुड़े घोटाले की जांच अब भी जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।

मुख्य बिंदु:

अब तक 3200 करोड़ का घोटाला

29 अफसरों पर केस, कुछ अब भी ड्यूटी में

हर महीने 20 करोड़ एक राजनेता तक पहुंचाए गए

3100 पेज की चार्जशीट पेश

देसी शराब, बीयर और विदेशी शराब की जांच जारी

रिपोर्ट: ताज़ा खबर डेस्क

(अधिक अपडेट और विस्तृत जानकारी के लिए बने रहें हमारे साथ)

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