व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षा से पहले नया निर्देश

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व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षा से पहले नया निर्देश: सुरक्षा के लिए 60 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी, मेटल डिटेक्टर और जैमर की माँग तेज़

दिनांक: 20 जुलाई 2025 को व्यापम के अंतर्गत सब इंजीनियर पदों की परीक्षा आयोजित की जा रही है। लेकिन इस परीक्षा से पहले ही बड़ा बवाल खड़ा हो चुका है। बीते दिनों सामने आए हाईटेक नकल कांड के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े कदम उठाए गए हैं।

14 जुलाई 2025 को व्यापम के द्वारा जारी दिशा-निर्देश पत्र में परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कुल 60 बिंदुओं पर आधारित एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है। यह निर्देश विशेष रूप से परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, परीक्षार्थियों की पहचान, और नकल रोकने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।

कुछ मुख्य दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं:

1. परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 2 घंटे पहले केंद्र पर पहुँचना अनिवार्य होगा, ताकि पुलिसिंग और सत्यापन की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।

2. परीक्षा से 15 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। देर से आने वालों को प्रवेश नहीं मिलेगा।

3. हल्के रंग के आधी बांह वाले वस्त्र पहनना अनिवार्य होगा। पुरुषों के लिए हाफ शर्ट या टी-शर्ट और महिलाओं के लिए भी ऐसे वस्त्र निर्धारित किए गए हैं।

4. केवल चप्पल पहनने की अनुमति दी गई है, जूते या बंद फुटवियर पूर्णतः वर्जित हैं।

5. कान में किसी भी प्रकार के आभूषण (जैसे ईयरिंग) पर प्रतिबंध है। यह निर्णय उस मामले के बाद लिया गया है जिसमें परीक्षार्थी ने ईयरिंग के रूप में डिवाइस का इस्तेमाल किया था।

6. पहला और अंतिम आधा घंटा परीक्षा केंद्र से बाहर जाना सख्त रूप से मना है।

7. कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जैसे मोबाइल, घड़ी, पर्स, बेल्ट, टोपी आदि, परीक्षा कक्ष में ले जाना प्रतिबंधित है।

छात्रों की माँग: और भी सख्त सुरक्षा हो

कई परीक्षार्थियों और विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापम में मौजूदा निर्देशों के अलावा दो और कड़े प्रावधान जरूरी हैं:

मेटल डिटेक्टर की अनिवार्यता: जिन केंद्रों पर नकल हुई, वहाँ अगर मेटल डिटेक्टर होता तो संभवतः उपकरण पकड़े जाते।

जैमर की व्यवस्था: परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह बंद हो, ताकि व्हाट्सएप कॉलिंग जैसी गतिविधियाँ संभव न हों। पूर्व घटनाओं में परीक्षार्थियों के पास टैब व कॉलिंग डिवाइस पाए गए थे।

परीक्षा रद्द हो या नहीं? छात्रों की राय बंटी हुई

कुछ छात्रों का मानना है कि परीक्षा कंप्रोमाइज हो चुकी है, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। जबकि एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो कहता है कि जो छात्र ईमानदारी से परीक्षा दे रहे हैं, उनका भविष्य दांव पर नहीं लगना चाहिए।

अगर परीक्षा रद्द होती है, तो उन लाखों छात्रों की मेहनत बर्बाद होगी जिन्होंने पूरी तैयारी के साथ पेपर दिया है। क्या अगली बार भी नकल नहीं होगी? कोई गारंटी नहीं। ऐसे में छात्रों का मनोबल टूट सकता है।

दूसरा बड़ा सवाल: 30 हजार शिक्षकों के पद समाप्त, अब 57000 नई भर्तियाँ कैसे होंगी?

परीक्षा विवाद के बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है: एक झटके में देशभर में शिक्षकों के 30 लाख 694 पद समाप्त कर दिए गए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि 57000 शिक्षक भर्ती कैसे संभव होगी?

यह खबर उन लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए झटका है जो शिक्षक बनने के लिए वर्षों से तैयारी कर रहे हैं। इससे न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ेगा, बल्कि मौजूदा स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी बढ़ेगी।

निष्कर्ष:

जहाँ एक ओर प्रशासन द्वारा नकल रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और न्याय की मांग अब और तेज़ होती जा रही है।

आप इस विषय पर क्या सोचते हैं? क्या परीक्षा रद्द होनी चाहिए? क्या छात्रों को सुरक्षा के नाम पर और कड़े नियमों से गुज़रना चाहिए?

अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।

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