जासूसी के आरोप में यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा गिरफ्तार, केरल सरकार ने दी सफाई
ट्रैवल व्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, जो “Travel with Joyti” नाम से यूट्यूब चैनल चलाती थी, को 16 मई को एक गंभीर मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर आरोप है कि उसने भारत की संवेदनशील और गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान को लीक की हैं। गिरफ्तारी के बाद देशभर में हलचल मच गई है, क्योंकि वह सोशल मीडिया पर एक चर्चित चेहरा रही है और हाल ही में केरल सरकार के आमंत्रण पर राज्य में पर्यटन प्रचार से जुड़ी गतिविधियों में भी शामिल हुई थी।
आरोप और जांच की स्थिति
पुलिस और खुफिया एजेंसियों की प्रारंभिक जांच के अनुसार, ज्योति मल्होत्रा पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) और भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया गया है कि ज्योति ने कई बार भारत की सैन्य और रणनीतिक जानकारियों को पाकिस्तान के एजेंटों तक पहुँचाया। इस संबंध में उसकी डिजिटल गतिविधियों की भी गहन जांच की जा रही है। उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त कर लिए गए हैं और फॉरेंसिक विशेषज्ञ उन पर जांच कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, उसकी कई यात्राएं और पाकिस्तान से जुड़े संपर्क अब एजेंसियों के रडार पर हैं। यूट्यूब चैनल पर उसने ऐसे कई वीडियो अपलोड किए थे, जिनमें पाकिस्तान की यात्रा को दिखाया गया है। इन वीडियो की भी विस्तृत जांच की जा रही है कि क्या वे किसी खुफिया गतिविधि का हिस्सा थे।
केरल सरकार की भूमिका पर उठे सवाल
ज्योति की गिरफ्तारी के बाद केरल सरकार की भूमिका पर भी सवाल खड़े होने लगे, क्योंकि गिरफ्तारी से कुछ ही समय पहले वह राज्य सरकार के आमंत्रण पर केरल आई थी। उसे पर्यटन प्रचार अभियान के तहत बतौर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बुलाया गया था। इस पर विपक्ष ने सवाल उठाए कि क्या राज्य सरकार को उसके खिलाफ चल रही खुफिया जांच की जानकारी नहीं थी?
इन सवालों के जवाब में केरल के पर्यटन मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियाज़ ने स्पष्ट किया कि ज्योति को केवल एक प्रभावशाली सोशल मीडिया शख्सियत के तौर पर आमंत्रित किया गया था। मंत्री ने कहा, “जब हमने उसे आमंत्रित किया था, उस समय उसके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं था और न ही कोई खुफिया एजेंसी ने उसे संदिग्ध बताया था। हम उसी प्रक्रिया का पालन कर रहे थे जो पर्यटन विभाग पिछले कई वर्षों से करता आया है।”
मंत्री रियाज़ की सफाई
मंत्री रियाज़ ने कहा, “जैसे ही हमें उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिली, हमने तुरंत संबंधित विभागों से संपर्क कर जांच शुरू कर दी। कोई भी यह नहीं कह सकता कि हमने जानबूझकर ऐसे किसी व्यक्ति को आमंत्रित किया जो देशद्रोह जैसी गंभीर गतिविधियों में लिप्त हो।”
उन्होंने आगे कहा, “क्या किसी को लगता है कि सरकार या पर्यटन विभाग ऐसे किसी व्यक्ति को बुलाएगा, अगर हमें उसकी पृष्ठभूमि के बारे में पता होता? नहीं। हम जिम्मेदार संस्थान हैं और हमने नियमों के अनुसार ही फैसला लिया था।”
सोशल मीडिया पर बहस तेज
ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक ओर जहां लोग उसकी देशद्रोही गतिविधियों पर नाराजगी जता रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स यह भी पूछ रहे हैं कि क्या सरकारों को इन्फ्लुएंसर्स के चयन में और अधिक सतर्कता बरतने की ज़रूरत नहीं है।
ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब पर कई लोगों ने ज्योति के पुराने वीडियो साझा करते हुए उस पर पहले से संदेह होने की बात कही है। वहीं, कुछ यूजर्स यह भी पूछ रहे हैं कि आखिर कैसे एक सामान्य ट्रैवल व्लॉगर को इतनी अहम जानकारी तक पहुंच मिली?
निष्कर्ष
ज्योति मल्होत्रा का मामला केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक बड़ी चूक और खतरे की घंटी भी है। यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि सोशल मीडिया की आड़ में किस तरह से संवेदनशील सूचनाएं लीक हो सकती हैं और खुफिया गतिविधियों को अंजाम दिया जा सकता है।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इससे जुड़े और कौन-कौन से खुलासे सामने आते हैं। साथ ही, यह मामला राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के लिए भी एक चेतावनी है कि सोशल मीडिया के दौर में प्रभावशाली चेहरों की पृष्ठभूमि जांचना कितना ज़रूरी है।