भिलाई में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: अमेरिका-कनाडा के नागरिकों से साइबर ठगी, 9 आरोपी गिरफ्तार
भिलाई, छत्तीसगढ़। दुर्ग पुलिस ने भिलाई के रिहायशी इलाके में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जहां से अमेरिका और कनाडा के नागरिकों से लाखों की ठगी की जा रही थी। इस रैकेट में शामिल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं। आरोपी टेलीग्राम के ज़रिए बग भेजकर सिस्टम हैक करते थे और फिर उसे ठीक करने के नाम पर 80 से 100 डॉलर तक की वसूली करते थे।
एक डुप्लेक्स घर से चल रहा था पूरा ठगी रैकेट
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एक डुप्लेक्स घर किराए पर लेकर उसमें कॉल सेंटर की तरह काम कर रहे थे। सभी आरोपी अलग-अलग राज्यों से ताल्लुक रखते हैं:
संतोष, मुकेशनाथ, उदय देव, विशालकर, तियाला देवी – शिलांग, मेघालय
अनीश आर्यन – भागलपुर, बिहार
अर्जुन शर्मा – फरीदाबाद, हरियाणा
अमित कुमार सिंह – सरिता विहार, दिल्ली
रिया राय – चौहान टाउन, भिलाई (स्थानीय)
साइबर ठगी का मॉडस ऑपरेंडी
आरोपी टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से अमेरिका और कनाडा के लोगों को निशाना बनाते थे। उन्हें एक फर्जी बग भेजा जाता था, जिससे उनके मोबाइल या लैपटॉप में दिक्कतें पैदा होती थीं। फिर उस बग को ठीक करने के नाम पर डॉलर में पेमेंट मांगा जाता था। ये पेमेंट क्रिप्टोकरेंसी या यूएस सिटी के ई-वॉलेट के माध्यम से लिए जाते थे, जिसे हवाला चैनल के ज़रिए भारत में कैश में बदला जाता था।
12 लैपटॉप, 14 मोबाइल और बैंक डॉक्युमेंट्स बरामद
रेड के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
12 लैपटॉप
14 मोबाइल फोन
कई बैंकों के चेकबुक और पासबुक
फर्जी ई-सिम कार्ड और डॉक्युमेंट्स
पुलिस को कैसे लगी भनक?
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में यह कार्रवाई 5 जुलाई की शाम को की गई थी। सुबेला चौकी और थाना प्रभारी विजय यादव की टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारा। एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया:
> “हमें सूचना मिली थी कि कुछ युवकों की गतिविधियां संदिग्ध हैं। जांच के दौरान कॉल सेंटर जैसी सेटअप की पुष्टि हुई। पूछताछ में सामने आया कि वे विदेशों में लोगों के सिस्टम में बग भेजकर डॉलर की वसूली कर रहे थे।”
साइबर सुरक्षा को लेकर पुलिस की अपील
एसएसपी विजय अग्रवाल ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा:
> “कोई भी अनजान लिंक या ईमेल पर क्लिक न करें। पासवर्ड हमेशा मजबूत और अल्फ़ान्यूमेरिक रखें। समय-समय पर उसे बदलते रहें। अपने ईमेल या वॉलेट को कितने डिवाइस से एक्सेस किया जा रहा है, उस पर नज़र रखें।”
उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया क्रिएटर्स की मदद से पुलिस साइबर जागरूकता अभियान भी चला रही है।
आगे की जांच जारी
पुलिस अब आरोपियों के ई-वॉलेट, बैंक अकाउंट और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश हो रही है कि क्या इस गिरोह के और भी सदस्य देश के अन्य हिस्सों में सक्रिय हैं। सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करवाई जा रही है।
निष्कर्ष:
भिलाई जैसे शांत शहर में इस प्रकार का फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा जाना यह दर्शाता है कि साइबर अपराधी अब छोटे शहरों में भी अपना नेटवर्क फैला रहे हैं। पुलिस की तत्परता से एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट पकड़ा गया है, लेकिन यह ज़रूरी है कि आम जनता भी सतर्क रहे और किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से बचें।