बिलासपुर हाईटेक नकल कांड: कैसे एक प्रकरण ने व्यापम को सुधार के लिए मजबूर कर दिया।
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ – इन दिनों पूरे देश में बिलासपुर के हाईटेक नकल कांड की चर्चा जोरों पर है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब दो बहनों को परीक्षा के दौरान अत्याधुनिक उपकरणों के साथ नकल करते हुए पकड़ा गया। इनके पास से सात डिवाइस बरामद हुए, जो परीक्षा में धांधली के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।
यह प्रकरण जितना चौंकाने वाला है, उतना ही व्यापम जैसी संस्थाओं की लापरवाही को भी उजागर करता है। बताया गया है कि इन दोनों बहनों ने पहले से ही पूरी योजना तैयार की थी। Amazon से डिवाइस मंगवाए गए, और YouTube से बाकायदा ट्रेनिंग ली गई। एक बहन परीक्षा कक्ष के भीतर कैमरा लगाए बैठी थी, जबकि दूसरी बाहर बैठकर वॉकी-टॉकी के ज़रिए सवालों के जवाब देती रही।
क्या किसी रैकेट की कारस्तानी है?
जांच एजेंसियों को शक है कि यह केवल व्यक्तिगत प्रयास नहीं था, बल्कि इसके पीछे कोई संगठित रैकेट भी हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर से विशेष जांच टीम भी बिलासपुर पहुंच चुकी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभी तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह नकल केवल एक बार की कोशिश नहीं थी, बल्कि इसे बेहद प्रोफेशनल ढंग से अंजाम देने की तैयारी की गई थी।
व्यापम पर उठा भरोसे का सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद व्यापम की साख पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। परीक्षार्थियों में गहरा असंतोष और आक्रोश है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि व्यापम अब इस गड़बड़ी के बाद क्या सुधार करेगा? कैसे परीक्षार्थियों का भरोसा और विश्वास फिर से हासिल किया जाएगा?
व्यापम की नई गाइडलाइन्स: अब नकल नहीं चलेगी
इस घटना के बाद व्यापम ने अपनी परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव करने का फैसला लिया है। 20 जुलाई को आयोजित होने वाली जल संसाधन विभाग की सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा से नए नियम लागू कर दिए गए हैं। नए दिशा-निर्देश निम्नानुसार हैं:
परीक्षार्थी टोपी, बेल्ट, घड़ी, जूते, स्वेटर, स्कार्फ आदि पहनकर नहीं आ सकेंगे।
केवल सादे कपड़े और चप्पल पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा।
आधी बांह वाले हल्के रंग के कपड़े अनिवार्य किए गए हैं, फुल स्लीव और गहरे रंग वर्जित होंगे।
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे मोबाइल, ब्लूटूथ, स्मार्टवॉच, पर्स, पाउच आदि पर पूर्ण प्रतिबंध।
परीक्षा केंद्र में 15 मिनट पहले पहुंचना अनिवार्य होगा। देरी से पहुंचने वालों को प्रवेश नहीं मिलेगा।
परीक्षा शुरू होने के बाद 30 मिनट तक केंद्र से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।
किसी भी प्रकार का हावभाव, इशारा, बात करना निषिद्ध होगा। उल्लंघन पर परीक्षा से निष्कासन।
क्या परीक्षा रद्द होगी? बढ़ रही है अभ्यर्थियों की मांग
इस प्रकरण के बाद, कई अभ्यर्थियों ने यह मांग उठाई है कि जिस परीक्षा में नकल हुई है, उसे रद्द किया जाए। उनका कहना है कि केवल गाइडलाइन्स बदल देने से भरोसा वापस नहीं आएगा, बल्कि सख्त कार्रवाई और निष्पक्षता ज़रूरी है।
निष्कर्ष: अब व्यापम को करना होगा खुद को साबित
यह मामला केवल दो बहनों की नकल का नहीं है, यह पूरे परीक्षा तंत्र की साख से जुड़ा हुआ है। व्यापम के लिए यह ‘डैमेज कंट्रोल’ का समय है। नए नियमों और सख्ती से उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में ऐसे कांड दोहराए न जाएं। अब देखना यह है कि व्यापम अपने वादों पर कितना खरा उतरता है और परीक्षार्थियों का भरोसा किस हद तक फिर से जीत पाता है।