रवीना की बेवफाई: प्रेमी के साथ मिलकर पति की निर्मम हत्या, एक पीली पर्ची ने खोल दिया खौफनाक राज़
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की निर्मम हत्या कर दी। यह मामला न केवल रिश्तों में छिपे जहर को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कोई भी साजिश कितनी भी शातिर क्यों न हो, सच एक दिन सामने आ ही जाता है। इस क्रूर हत्या की गुत्थी एक मामूली सी पीली पर्ची ने सुलझा दी, जिसने तमिलनाडु से छत्तीसगढ़ तक पुलिस को हत्यारों तक पहुंचा दिया।
हत्या की कहानी: जंगल में अधजली लाश और बिना सुराग
घटना की शुरुआत होती है कांकेर जिले के घोड़ा गांव के जंगल से, जहां 27 जून को एक अधजली लाश मिली। बारिश के चलते शव पूरी तरह नहीं जल पाया और कपड़ों के कुछ हिस्से बच गए। यही हादसे की सबसे अहम कड़ी बना — मृतक की पैंट से मिली एंटी रेबीज़ वैक्सीन की पीली पर्ची, जिस पर लिखा था “नाथम”। नाथम नामक स्थान तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले के पास स्थित है।
यह मामला शुरू में एक ब्लाइंड मर्डर की तरह लग रहा था। न शव की पहचान थी, न हत्यारा, न ही कोई चश्मदीद। लेकिन बारिश की एक बूँद और एक पर्ची ने सब कुछ पलट कर रख दिया।
तमिलनाडु से सुराग और पहचान
जांच के दौरान पुलिस ने उस पर्ची के आधार पर नाथम के पीएचसी हॉस्पिटल से संपर्क किया। वहां से पता चला कि धर्मवीर नेताम नामक व्यक्ति को एंटी रेबीज वैक्सीन दी गई थी। धर्मवीर छत्तीसगढ़ के नगरी इलाके का रहने वाला था और तमिलनाडु में मुरली नामक व्यक्ति के डेयरी फार्म में काम करता था।
हॉस्पिटल रजिस्टर में दिए गए नंबर के जरिए पुलिस मुरली तक पहुंची, जिससे पता चला कि धर्मवीर को इलाज के लिए फार्म का ही एक और कर्मचारी विदेश मरकाम लेकर गया था। यहीं से कहानी ने भयानक मोड़ लिया।
दोस्त निकला हत्यारा, और पत्नी बनी साजिशकर्ता
जैसे ही पुलिस ने विदेश मरकाम की कॉल डिटेल्स खंगाली, तो पाया कि वह लगातार रवीना नागवंशी से संपर्क में था — और रवीना कोई और नहीं बल्कि धर्मवीर की पत्नी निकली।
यहां से परतें खुलती चली गईं। रवीना और विदेश मरकाम के बीच वर्षों से अवैध संबंध थे। दोनों ने मिलकर धर्मवीर को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। रवीना ने अपने प्रेमी विदेश से कहा — “इलाज के बहाने उसे दूर ले जाओ और रास्ते में उसे खत्म कर दो।” विदेश ने वैसा ही किया।
हत्या की खौफनाक पटकथा
27 जून को धर्मवीर को इलाज के बहाने तमिलनाडु से ओडिशा के नवरंगपुर होते हुए जंगल की ओर ले जाया गया। शराब पिलाने के बाद सिर पर पैड से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी गई और पेट्रोल डालकर उसे जलाने की कोशिश की गई। बारिश न होती तो शायद शव कभी नहीं मिलता।
लेकिन अधजली लाश और पीली पर्ची ने इस घृणित साजिश की परतें खोल दीं।
पुलिस की सक्रियता और खुलासा
घटना की पुष्टि खुद एसपी वाय. अक्षय कुमार ने की। उन्होंने बताया कि कैसे धर्मवीर के शरीर से मिली छोटी सी पर्ची से एक अंतरराज्यीय जांच शुरू हुई और आखिरकार साजिशकर्ताओं को पकड़ लिया गया। जब पुलिस ने विदेश और रवीना को पकड़ा और सख्ती से पूछताछ की, तब दोनों ने अपराध कबूल कर लिया है
निष्कर्ष: रिश्तों की नींव में पनपता ज़हर
इस दिल दहला देने वाले कांड ने न केवल एक मासूम की जान ले ली, बल्कि यह भी दर्शाया कि जब रिश्तों में विश्वास टूटता है, तो इंसान हैवान बन जाता है। एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उस इंसान की हत्या कर दी जिसने कभी उस पर भरोसा किया था।
यह मामला केवल छत्तीसगढ़ की खबर नहीं है — यह एक चेतावनी है पूरे समाज के लिए। जब प्रेम लालच और साजिशों से भरा हो, तो उसका अंजाम सिर्फ बर्बादी होता है।