पटना के पारस हॉस्पिटल में गैंगवॉर

पटना के पारस हॉस्पिटल में गैंगवॉर: ICU में घुसकर अपराधी ने मरीज की गोली मारकर हत्या की

बिहार की राजधानी पटना में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शहर के प्रतिष्ठित पारस हॉस्पिटल में एक मरीज की इलाज के दौरान ICU में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान चंदन मिश्रा के रूप में हुई है, जो खुद भी एक कुख्यात अपराधी था और कई गंभीर मामलों में जेल में बंद था। वह इलाज के लिए परोल पर बाहर आया हुआ था।

 

गैंग वॉर का अंदेशा, चार हमलावरों ने दी वारदात को अंजाम

पुलिस सूत्रों के अनुसार यह हत्या आपसी गैंग वॉर का नतीजा बताई जा रही है। आज तक से जुड़े रिपोर्टर सुजीत कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, चंदन पर कई राउंड गोलियां चलाई गईं। चार हथियारबंद हमलावरों ने अस्पताल में घुसकर चंदन को गोली मारी और मौके से फरार हो गए।

 

CCTV फुटेज से हमलावर की पहचान शुरू

पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि,

> “चंदन बक्सर का कुख्यात अपराधी था और उस पर दर्जनों आपराधिक केस दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो रहा है कि हत्या आपसी गैंग की रंजिश के चलते की गई है। CCTV फुटेज से हमलावरों की पहचान की जा रही है और इस संबंध में बक्सर पुलिस से मदद ली जा रही है।”

 

उन्होंने बताया कि चंदन को पहले बक्सर जेल में रखा गया था, बाद में उसे भागलपुर जेल शिफ्ट किया गया, जहां वह बीमार पड़ गया। इसके बाद परोल पर बाहर आने की अनुमति दी गई और इलाज के लिए उसे पटना के पारस हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था।

 

राजनीतिक बवाल भी तेज

घटना के बाद बिहार में राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है।

RJD नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा:

> “सरकारी अपराधियों ने हॉस्पिटल में भर्ती मरीज को ICU में घुसकर गोली मारी। बिहार में कोई भी कहीं भी सुरक्षित नहीं। क्या 2005 से पहले ऐसा ही होता था?”

 

वहीं बिहार कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा:

> “गुंडा राज की राजधानी पटना के पारस हॉस्पिटल में सरेआम गोलीबारी। गुंडा राज में अपराध इतना स्वस्थ है कि अब हॉस्पिटल का ही रुख कर लिया है। कानून व्यवस्था बस प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित है।”

 

RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा:

> “अब तो बिहार भगवान भरोसे है। ICU जैसी सुरक्षित जगह पर भी हत्याएं हो रही हैं, यह प्रशासनिक विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है।”

 

हालिया घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में पटना के एक नामी उद्योगपति गोपाल खेमका की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा हाल के दिनों में राजधानी में कई आपराधिक घटनाएं हुई हैं, जिससे आमजन में भय और असुरक्षा का माहौल है।

निष्कर्ष

राजधानी पटना में दिनदहाड़े एक अस्पताल के ICU में इस तरह की वारदात ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और अपराधियों को पकड़ पाती है या नहीं।

 

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