दुर्ग यूनिवर्सिटी की वेबसाइट हुई हैक

दुर्ग यूनिवर्सिटी

दुर्ग यूनिवर्सिटी की वेबसाइट हुई हैक, पाकिस्तानी हैकर्स ने दी भारत को धमकी

छत्तीसगढ़ की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को उस समय गहरा झटका लगा जब हेमचंद यादव दुर्ग यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट हैक कर ली गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस साइबर हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित हैकर समूह का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले रायपुर पुलिस की वेबसाइट को भी हैक कर लिया गया था, और अब शिक्षा जगत की इस प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी पर साइबर हमला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

रविवार सुबह जैसे ही छात्र-छात्राएं यूनिवर्सिटी की वेबसाइट खोलने लगे, तो उन्हें एक चौंकाने वाला दृश्य दिखाई दिया। वेबसाइट के होमपेज पर “Hacked by Hawks 1337” लिखा नजर आया। इसके साथ ही एक इस्लामिक प्रतीक चिह्न और भारत का तिरंगा झंडा जलते हुए दिखाया गया। नीचे लिखा था — “पाकिस्तान ज़िंदाबाद”। यह दृश्य न केवल अपमानजनक था, बल्कि यह देश की डिजिटल संप्रभुता पर एक सीधा हमला माना जा रहा है।

 

🔍 क्या है इस हमले का संदर्भ?

बताया जा रहा है कि यह साइबर हमला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद सामने आया है। उस हमले के बाद पाकिस्तान समर्थक संगठनों में गुस्सा देखा गया और सोशल मीडिया पर भी भारत विरोधी माहौल बनाया गया। उसी क्रम में अब भारतीय वेबसाइटों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि दुर्ग यूनिवर्सिटी की वेबसाइट हैकिंग उसी झल्लाहट का डिजिटल रूप है।

छात्रों के लिए मुसीबत

हैकर्स द्वारा डाले गए संदेश में कई अपमानजनक बातें लिखी गई थीं। संदेश की शुरुआत इन शब्दों से होती है —

“ओ गॉड, आप हैक हो गए हैं!”

इसके बाद भारतीयों को लेकर कई अपशब्द और धमकी भरे संदेश डाले गए। संदेश में लिखा था कि अगर भारत ने दोबारा पाकिस्तान की साइबर सीमाओं पर हमला करने की कोशिश की, तो उन्हें और बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि “भारत में हैकर बनते हैं, लेकिन पाकिस्तान में हैकर पैदा होते हैं।” साथ ही, अप्रत्यक्ष रूप से परमाणु हमले की धमकी भी दी गई है।

 

🎓 एडमिशन सीजन में छात्रों के लिए मुसीबत

गौरतलब है कि इस समय यूनिवर्सिटी में एडमिशन प्रक्रिया चल रही है। सैकड़ों कॉलेज इस यूनिवर्सिटी से संबद्ध हैं और लाखों छात्र-छात्राएं विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने की प्रक्रिया में हैं। ऐसे में वेबसाइट का हैक हो जाना छात्रों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। रिजल्ट, मेरिट लिस्ट, फीस भुगतान जैसी सेवाओं के लिए वेबसाइट ही एकमात्र माध्यम है, और अब उसका ठप हो जाना शिक्षा व्यवस्था पर भी असर डाल सकता है।

 

🧑‍💼 कुलपति ने क्या कहा?

इस मामले में जब हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. संजय तिवारी से बात की गई तो उन्होंने पुष्टि करते हुए कहा,

> “हमें इस हमले की जानकारी मिलते ही सर्वर को तत्काल होल्ड पर डाल दिया गया है। हमने साइबर एक्सपर्ट्स की मदद लेना शुरू कर दिया है और जल्द ही इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस हमले में छात्रों का डेटा कितना प्रभावित हुआ है, इसकी जांच चल रही है। हालांकि, यूनिवर्सिटी प्रशासन का दावा है कि छात्रों की गोपनीय जानकारी सुरक्षित है।

 

⚠️ साइबर सुरक्षा पर उठते सवाल

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि “Hawks 1337” एक पुराना पाकिस्तानी हैकर समूह है, जो पहले भी भारतीय सरकारी और शिक्षण संस्थानों की वेबसाइट्स को निशाना बना चुका है। यह समूह मुख्यतः सांकेतिक हमलों के जरिए भारत विरोधी भावना को फैलाने का काम करता है। विशेषज्ञों ने सरकार को चेतावनी दी थी कि पहलगाम हमले के बाद ऐसे हमले बढ़ सकते हैं, लेकिन फिर भी यूनिवर्सिटी जैसे संवेदनशील संस्थान की वेबसाइट को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल सकी।

 

🔐 अब आगे क्या?

फिलहाल वेबसाइट को बंद कर दिया गया है और पुनः सक्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, पुलिस और साइबर सेल की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह भी सलाह दी है कि छात्र एडमिशन और रिजल्ट से संबंधित जानकारी के लिए यूनिवर्सिटी के सोशल मीडिया हैंडल्स और ऑफलाइन मोड पर भरोसा करें।

 

📌 निष्कर्ष:

दुर्ग यूनिवर्सिटी की वेबसाइट हैक होना केवल तकनीकी चूक नहीं, बल्कि यह एक सुनियोजित साइबर हमला है जो भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को उजागर करता है। ऐसे समय में जब पूरा देश डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहा है, तो शिक्षण संस्थानों की साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देना अनिवार्य हो गया है। यह घटना सिर्फ यूनिवर्सिटी की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चिंता का विषय है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *