दुर्ग में चाकू मारकर युवक की हत्या: पुलिस ने किया 7 आरोपियों का खुलासा, एक नाबालिग भी शामिल
दुर्ग (छत्तीसगढ़): शहर में हुए एक सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मामला दुर्ग जिले के पावर हाउस क्षेत्र के पास का है, जहां एक युवक की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने अब तक सात आरोपियों की पहचान की है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
सुबह 8 बजे मिली सूचना, पुलिस ने शुरू की जांच
एडिशनल एसपी अभिषेक जायसवाल ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि घटना की सूचना सुबह 8 बजे के करीब पुलिस को प्राप्त हुई। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो घायल युवक की हालत गंभीर थी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के शरीर पर गहरी चोट के निशान थे, जिससे साफ था कि मामला सामान्य मारपीट का नहीं बल्कि जानलेवा हमला था।
150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज और 1500 मोबाइल नंबरों की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच टीम गठित की। पूरे इलाके के 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और करीब 1500 मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। इस दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिससे पता चला कि घटना में 5 से 6 लोग शामिल थे, जो एक गाड़ी से आए थे।
मुख्य आरोपी ‘महाराजा देवनाथ’ और गिरोह की करतूतें
जांच में सामने आया कि इस मामले का मुख्य आरोपी ‘महाराजा देवनाथ’ नामक युवक है, जिसकी उम्र मात्र 20 साल है। वह अपने साथियों के साथ मिलकर रात के समय ग्रामीण क्षेत्रों की सुनसान सड़कों पर घूमता था और कमजोर लोगों को निशाना बनाता था। ये लोग उनसे मोबाइल, नकदी और अन्य कीमती सामान लूटते थे। चूंकि पीड़ित अक्सर गरीब तबके से होते थे, वे रिपोर्ट नहीं करते थे, जिससे गिरोह बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम देता रहा।
घटनाक्रम की पूरी कहानी
घटना वाली रात मृतक युवक अपने एक दोस्त के साथ सुमेरा की ओर से लौट रहा था। रास्ते में मुरीख नामक स्थान पर सड़क किनारे कुछ देर के लिए रुका। इसी दौरान आरोपियों की गाड़ी वहां से गुज़री। उन्हें मौका मिला और उन्होंने गाड़ी रोकी। आरोपियों ने युवक से मोबाइल छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर मुख्य आरोपी महाराजा देवनाथ और दो अन्य ने युवक पर चाकू से हमला कर दिया। अन्य तीन आरोपियों ने उसे धक्का दिया और गिराकर मारपीट की। घायल युवक को तड़पता छोड़ वे मौके से फरार हो गए।
कबूली जुर्म और मोबाइल बरामदगी
पुलिस ने शक के आधार पर जब एक आरोपी को हिरासत में लिया, तो उसने पूछताछ में पूरे घटनाक्रम को कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर मुख्य आरोपी महाराजा देवनाथ को पकड़ा गया। उसके घर से मृतक का मोबाइल फोन बरामद हुआ, जो घटना का अहम सबूत बन गया। इससे स्पष्ट हो गया कि यह लूट के इरादे से किया गया हमला था, जो हत्या में तब्दील हो गया।
पुलिस का सक्रिय रवैया और भविष्य की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। फरार दो आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस पूरे गिरोह के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने पहले भी कई वारदातों को अंजाम दिया है।
समाज में डर का माहौल
इस घटना के बाद से ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल है। रात को अकेले सफर कर रहे लोग अब सतर्क हो गए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे रात में सावधानी बरतें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दें।
निष्कर्ष:
दुर्ग की यह घटना न सिर्फ एक दर्दनाक हत्या है, बल्कि यह पुलिस की सूझबूझ और तेज़ कार्रवाई का भी प्रमाण है। समय रहते कार्रवाई से आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली है। अब ज़रूरत है कि इस तरह के गिरोहों पर सख्ती से नकेल कसी जाए ताकि आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके।