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दुर्ग जिले में युवक की बेरहमी से हत्या,

Shadow of the murderer holding the murder weapon. Silhouette of man with a knife in his hand

दुर्ग जिले

छत्तीसगढ़ में फिर चाकूबाजी का मामला: दुर्ग जिले में युवक की बेरहमी से हत्या, कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

दुर्ग जिले के डूडेरा-मोडी मार्ग पर हुई सनसनीखेज वारदात, मृतक युवक उड़ीसा का रहने वाला, प्रेम या रंजिश में हत्या की आशंका

घटना की जानकारी।

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर चाकूबाजी की घटना ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र अंतर्गत डूडेरा-मोडी मार्ग पर गुरुवार की रात लगभग 8:30 से 9:00 बजे के बीच एक युवक पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला किया गया।

घायल अवस्था में युवक को राहगीरों ने देखा और तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान और परिचय:

मृतक की पहचान राजकुमार निशाद (उम्र 27 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उड़ीसा के मुड़सा गांव का निवासी था। वह अपने माता-पिता के साथ दुर्ग के चंद्राकर फॉर्म हाउस में काम करता था। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार की रात वह अपनी महिला मित्र से मिलने के लिए निकला था, लेकिन फिर घर वापस नहीं लौटा।

परिजनों को युवक के घायल होने की जानकारी शुक्रवार सुबह अस्पताल से कॉल आने पर मिली। तब तक देर हो चुकी थी और राजकुमार की मौत हो चुकी थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा:

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ है कि युवक के सीने, पेट, सिर और पैर पर चाकू से कई बार वार किए गए थे। हमलावरों ने बड़ी बेरहमी से हत्या की और मौके से फरार हो गए।

सीएसपी दुर्ग ने पुष्टि की है कि प्रथम दृष्टया यह मामला नुकीले और धारदार हथियार से की गई हत्या का है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

जांच के मुख्य विस्तार:

क्या यह प्रेम संबंधों से जुड़ा मामला था?

हत्या के पीछे कोई पूर्व नियोजित साजिश थी?

महिला मित्र की भूमिका और उससे जुड़ी जानकारियाँ क्या हैं?

हमलावर पहचान से छिपने के लिए कहां भागे?

पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल डेटा खंगाले जा रहे हैं।

 

विधायक देवेंद्र यादव का बड़ा बयान:

भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने इस घटना के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि:> “छत्तीसगढ़ में नशाखोरी और चाकूबाजी आम हो गई है। हर रोज़ अखबारों की सुर्खियों में केवल हत्या और हमले की खबरें होती हैं। सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है, रेत माफियाओं को बचा रही है। पुलिस पूरी तरह असहाय नज़र आ रही है।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रदेश में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है, जिसमें आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे।

 

समाज में बढ़ती हिंसा: दो ही वजहें – प्रेम और नशा?

पिछले कुछ महीनों में प्रदेश में लगातार चाकूबाजी की घटनाएं बढ़ रही हैं। हर मामले के पीछे एक जैसी वजहें सामने आती हैं—या तो प्रेम-संबंधों का विवाद, या फिर नशे में किया गया हमला।

यह घटना भी उसी कड़ी का हिस्सा प्रतीत होती है, जिसने एक बार फिर सार्वजनिक सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है।

सोचने वाली बात:

छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस प्रशासन के लिए यह एक सावधान करने वाली घटना है। जब एक युवक जो काम के सिलसिले में राज्य में आया हो, उसकी इस तरह सरेआम हत्या कर दी जाए, तो सवाल उठते हैं:

क्या आम आदमी सुरक्षित है?

क्या प्रेम या व्यक्तिगत रिश्ते अब जानलेवा बनते जा रहे हैं?

क्या नशे और अपराध के गठजोड़ पर सरकार नियंत्रण खो रही है?

जब तक इन सवालों के जवाब नहीं मिलते, तब तक हर रात एक नया डर लेकर आएगी।

दुर्ग में 27 वर्षीय युवक की चाकूबाजी में हत्या। प्रेम या साजिश? पुलिस जांच में जुटी। प्रदेश में बढ़ती हिंसा से डर का माहौल।

 

 

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