चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी: ईडी के पास क्या हैं सबूत, किन बयानों के आधार पर हुई कार्रवाई ?
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार दोपहर उनके रायपुर स्थित मिरादी निवास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन की ईडी रिमांड पर भेजा गया है। अब सवाल यह है कि ईडी के पास आखिर ऐसे कौन से सबूत और गवाहों के बयान हैं, जिनके आधार पर यह गिरफ्तारी हुई?
ईडी के सूत्रों के अनुसार, बड़ी बातें:
1. शराब घोटाले में सीधा लिंक: ईडी का दावा है कि चैतन्य बघेल सीधे शराब घोटाले से जुड़े हुए हैं। इस घोटाले से जुड़े कई आरोपियों ने उनके नाम का खुलासा किया है। दुर्ग के कारोबारी और भूपेश बघेल के करीबी लक्ष्मी नारायण उर्फ पप्पू बंसल ने ईडी को दिए बयान में कहा कि सिंडिकेट के ज़रिए चैतन्य बघेल को ₹1000 करोड़ की राशि दी गई थी।
2. धन का निवेश और वितरण: चैतन्य बघेल पर आरोप है कि उन्होंने इस अवैध धन का निवेश रियल एस्टेट, अन्य व्यापारिक उपक्रमों और अपने करीबी लोगों को वितरित करने में किया। ईडी ने दावा किया है कि उनके पास इन सभी लेन-देन के सबूत मौजूद हैं।
3. कर्ज, कंपनियां और प्रोजेक्ट:
दुर्ग के एक सराफा कारोबारी ने कबूला है कि चैतन्य ने उन्हें ₹5 करोड़ बिना ब्याज के उधार दिए, जो आज तक वापस नहीं किया गया।
‘विट्ठल ग्रीन सिटी’ नामक एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट चैतन्य की कंपनी ‘बघेल बिल्डकॉम’ के अंतर्गत चल रहा है, जिसकी अनुमानित लागत ₹1300 करोड़ है।
ईडी को ₹16.70 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन के सबूत मिले हैं, जो पीएमएलए के तहत अपराध की कमाई मानी जा रही है।
4. पप्पू बंसल बन सकते हैं सरकारी गवाह: पप्पू बंसल ने ईडी को बताया है कि शराब घोटाले का पैसा कारोबारी अनवर ढेबर और नितेश पुरोहित के माध्यम से दुर्ग भेजा जाता था। इसके बाद अनवर अपने होटल मैनेजर दीपेंद्र चावड़ा के जरिए पैसा आगे बढ़ाते थे, जो फिर कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचता था। यहां से पैसा चैतन्य और पप्पू के पास आता था, जिसे निवेश किया जाता था।
5. तांत्रिक के.के. श्रीवास्तव का बयान: हाल ही में गिरफ्तार एक कथित तांत्रिक के.के. श्रीवास्तव ने भी दावा किया है कि उसे चैतन्य के माध्यम से ₹100 करोड़ मिले थे, जिन्हें उसने विभिन्न प्रोजेक्ट्स में निवेश किया।
कानूनी पक्ष
ईडी के अधिवक्ता डॉ. सौरभ पांडे ने कोर्ट में बताया कि चैतन्य ने अवैध रूप से अर्जित ₹16.70 करोड़ के स्त्रोत का कोई वैध विवरण नहीं दिया है।
वहीं बचाव पक्ष के वकील फैजल वेगवी का कहना है कि चैतन्य निर्दोष हैं और ईडी की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है।
राजनीतिक हलचल
गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मच गई है। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया है। वहीं, डिप्टी सीएम अरुण साव ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बताया और कहा कि “कानून अपना काम कर रहा है”।
निष्कर्ष:
ईडी अब चैतन्य बघेल से आने वाले चार दिनों में पूछताछ करेगी, जिसमें इन सभी आरोपों और लेन-देन की पड़ताल की जाएगी। अब देखना होगा कि पूछताछ के दौरान और क्या खुलासे होते हैं, और चैतन्य की जमानत या जेल में और दिन बढ़ने को लेकर कोर्ट क्या रुख अपनाता है।