Site icon TAJAKHABAR

छत्तीसगढ़: दुर्ग के चर्च में धर्मांतरण की सूचना पर बवाल,

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में धर्मांतरण विवाद एक बार फिर से गरमा गया है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के जामुन थाना क्षेत्र में उस समय माहौल गरमा गया जब कैलाश नगर स्थित एक चर्च में धर्मांतरण की सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंच गए। यह घटना दोपहर 12:00 से 1:00 बजे के बीच की बताई जा रही है, जब चर्च में दर्जनों लोग प्रार्थना के लिए मौजूद थे। बजरंग दल का आरोप है कि प्रार्थना के नाम पर वहां धर्मांतरण किया जा रहा था।

क्या है पूरा मामला?

घटना जामुन के भगवा चौक के पास स्थित एक चर्च की है, जो मैरिज पुलिस चौकी के नजदीक है। आरोप है कि इस चर्च में प्रार्थना के दौरान अलग-अलग जिलों से आए करीब 50 से 100 लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। जैसे ही यह खबर फैली, बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, हंगामा किया और चर्च के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया।

 

मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पास ही में चल रहा था

गौर करने वाली बात यह है कि घटना स्थल से महज़ 1-2 किलोमीटर की दूरी पर रुंगटा इंस्टीट्यूट में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कार्यक्रम चल रहा था। इस संवेदनशील समय में धर्मांतरण की खबर ने पुलिस-प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। तुरंत पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।

 

बजरंग दल के आरोप और पुलिस की कार्रवाई

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चर्च में गरीब वर्ग के हिंदू लोगों को पैसे और लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। उन्होंने चर्च के पादरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मौके पर मौजूद छावनी क्षेत्र के सीएसपी हरिश पाटिल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा।

पुलिस ने कई लोगों से की पूछताछ

पुलिस ने मौके से उपस्थित लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, जिनमें महिलाएं, बच्चे और पुरुष शामिल हैं। अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

 

धर्मांतरण पर राज्य सरकार की स्थिति

धर्मांतरण को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार पहले ही सतर्क है। हालांकि अभी राज्य में धर्मांतरण को लेकर कोई विशेष कानून प्रभावी नहीं है, लेकिन विधानसभा सत्र में इस पर कानून बनाने की बात कही गई है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने 2025 के बजट सत्र में बताया था कि—

2020 में 1 मामला

2021 में 7 मामले

2022 में 3 मामले

2023 में कोई मामला दर्ज नहीं

2024 में 12 मामले

2025 में अब तक 4 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

जशपुर, सरगुजा और बस्तर जैसे क्षेत्रों में धर्मांतरण की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। खासकर जशपुर क्षेत्र, जहां एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च मौजूद है, इन मामलों का केंद्र रहा है।

 

अभी आरोप, जांच जारी

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वाकई में चर्च में धर्मांतरण किया जा रहा था या यह केवल एक सामान्य प्रार्थना सभा थी। पुलिस की जांच जारी है और रिपोर्ट सामने आने के बाद ही सच्चाई पता चल सकेगी।

Exit mobile version