गुजरात माहीसागर नदी का पुल गिरा: 9 की मौत

गुजरात माहीसागर नदी का पुल गिरा

गुजरात माहीसागर नदी का पुल गिरा: 9 की मौत, कई वाहन नदी में समाए, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

गुजरात के आनंद और वड़ोदरा जिलों को जोड़ने वाला गंभीर ब्रिज मंगलवार सुबह एक भयावह हादसे का गवाह बना। माहीसागर नदी पर बना यह 43 साल पुराना पुल अचानक सुबह करीब 7:30 बजे बीच से टूट गया, जिससे कई वाहन नदी में जा गिरे। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

घटना कैसे हुई?

 

टूटे पुल की शुरुआती तस्वीरों

प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे के वक्त पुल पर भारी ट्रैफिक था। टूटे पुल की शुरुआती तस्वीरों में एक ट्रक बीच में लटका नजर आ रहा है, वहीं मोटरसाइकिल और अन्य वाहन नदी में गिरे पाए गए। चश्मदीदों ने बताया कि दो ट्रक, एक ऑटो रिक्शा, एक इको कार और अन्य वाहन पुल के साथ ही नीचे जा गिरे।

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा प्रशासन

वड़ोदरा के कलेक्टर अनिल धमेलिया ने बताया कि घटना के तुरंत बाद स्थानीय तैराक, नगरपालिका की टीमें, बीएमसी एमर्जेंसी रिस्पॉन्स सेंटर, एनडीआरएफ, और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गए। रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर चलाया गया।

> “हमने अब तक 9 शव बाहर निकाल लिए हैं, एक ट्रक और पिकअप वैन अभी भी नदी में फंसे हैं। उन्हें निकालने के लिए मैकेनिकल फोर्स का उपयोग किया जा रहा है,” – अनिल धमेलिया, कलेक्टर, वड़ोदरा

कई घायल, अस्पताल में इलाज जारी

हादसे में घायल लोगों को आनन-फानन में एसएसजी हॉस्पिटल और सीएमसी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कलेक्टर के अनुसार, 5 घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

 

सांसद और एसपी ने दी जानकारी

आनंद के सांसद नितेश पटेल ने बताया कि उन्हें सुबह 8:22 बजे हादसे की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और एसपी को सूचित कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करवाया।

> “यह पुल आनंद को वड़ोदरा से जोड़ता है। चार से पांच वाहन नदी में गिर गए हैं। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और दोनों जिलों की मेडिकल टीम मौके पर है,” – नितेश पटेल, सांसद

आनंद के एसपी गौरव जसानी ने कहा कि पुल के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति कुछ दिनों पहले से नजर आने लगी थी, लेकिन ऐसा भयावह हादसा होगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं था।

> “पुल का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूट गया, जिससे तीन-चार वाहन नदी में जा गिरे। टीम मौके पर पहुंच गई है और स्थिति को नियंत्रित किया जा रहा है,” – गौरव जसानी, एसपी, आनंद

 

ट्रैफिक डायवर्जन और जाम की स्थिति

हादसे के तुरंत बाद पुल पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। प्रशासन ने ट्रैफिक को अन्य मार्गों से डायवर्ट कर दिया है। वहीं, स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है।

 

कई सवाल, जवाब बाकी

इस दुर्घटना ने बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक 43 साल पुराना पुल, जिसकी मरम्मत या निरीक्षण नहीं हुआ, वह इतनी बड़ी जनहानि का कारण बन गया। अब सवाल यह उठ रहे हैं कि:

 

क्या पुल की समय पर जांच हुई थी?

क्या ओवरलोड ट्रैफिक इसके लिए जिम्मेदार था?

क्या हादसे को टाला जा सकता था?

 

फिलहाल स्थिति

प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन को प्राथमिकता दी है। एनडीआरएफ और स्थानीय एजेंसियां मौके पर हैं। मृतकों के परिजनों को सहायता और मुआवजे की घोषणा जल्द की जा सकती है।

 

नोट: यह रिपोर्ट लगातार अपडेट हो रही है। जैसे-जैसे जानकारी मिलती जाएगी, हम उसे इस लेख में जोड़ते रहेंगे।

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