केशकाल घाटी के पास दर्दनाक हादसा: कार में लगी आग से चार युवकों की मौत, दो घायल
कांकेर जिले में केशकाल घाटी के ठीक पहले आतुर गांव के पास एक भीषण सड़क हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा देर रात करीब 1:00 बजे हुआ, जब छह युवक स्विफ्ट डिज़ायर कार से कांकेर से केशकाल की ओर लौट रहे थे।
घटना स्थल पर मौजूद लोगों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, कार एक निर्माणाधीन पुल के डिवाइडर से टकरा गई और टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ ही सेकंड में कार में आग लग गई। टक्कर के वक्त कार में छह युवक सवार थे। टक्कर के दौरान दो युवक कार से बाहर फेंके गए और गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि चार युवक कार के भीतर ही फंस गए और आग की चपेट में आकर जिंदा जल गए।
घायलों को कांकेर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं मृतकों के शव पूरी तरह से जल चुके हैं, जिससे उनकी पहचान मुश्किल हो गई थी। बाद में परिजनों और दस्तावेज़ों के माध्यम से पहचान की गई।
मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
युवराज सोरी (24 वर्ष): निवासी – बड़ा टोला चौकी, हलबा, जिला कांकेर
हेमंत सोरी (20 वर्ष): निवासी – सिंघानपुर, थाना क्षेत्र केशकाल
सूरज ओइके (19 वर्ष): निवासी – ढूंडेरा पाल, केशकाल
दीपक मरावी (19 वर्ष): निवासी – टुंडेरा पाल, केशकाल
घायलों के नाम:
प्रीतम नेताम (21 वर्ष): निवासी – ढूंडेरा पाल
पृथ्वीराज सलाम: निवासी – टुंडेरा पाल
घटना के बाद पुलिस, दमकल विभाग और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। हालांकि आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक चार युवकों की जान जा चुकी थी।
एडिशनल एसपी सिन्हा ने बताया,
“कार की रफ्तार बहुत तेज थी और डिवाइडर से टकराते ही आग लग गई। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। कार पूरी तरह जल चुकी है, जिससे शवों की पहचान मुश्किल हो रही थी। घायलों से पूछताछ की जा रही है। फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है और जांच जारी है।”
मौके पर पहुंचे परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आई वजह:
तेज रफ्तार
निर्माणाधीन पुल का डिवाइडर
टक्कर के बाद कार में आग लगना
दरवाजे लॉक होने से अंदर के लोग बाहर नहीं निकल पाए
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और अधूरी सड़क सुरक्षा व्यवस्था की ओर ध्यान आकर्षित करता है।