ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क उजागर 20 करोड़ का

ऑनलाइन सट्टा

महादेव बुक के बाद अब ‘शिवा बुक’: खैरागढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 20 करोड़ का ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क उजागर

रायपुर/खैरागढ़ – छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टा कारोबार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत खैरागढ़ पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। महादेव सट्टा बुक की तर्ज पर संचालित हो रहे एक नए ऑनलाइन सट्टा ऐप ‘शिवा बुक’ का भंडाफोड़ किया गया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 20 करोड़ रुपए के ट्रांजैक्शन का खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से कई दुर्ग-भिलाई और राजनांदगांव जिलों से हैं।

 

शिवा बुक’ – महादेव का नया रूप?

‘महादेव बुक’ का नाम आपने पहले भी सुना होगा – देशभर में सक्रिय इस सट्टा रैकेट के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर, रवि ओसवाल, शुभम व शिवम सोनी जैसे नाम पहले ही जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। अब उन्हीं की तर्ज पर एक नया ऐप सामने आया है – ‘शिवा बुक’, जिसका नाम भी महादेव के एक अन्य स्वरूप से प्रेरित प्रतीत होता है।

 

छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र तक फैला नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया है कि ‘शिवा बुक’ के दो प्रमुख पैनल (Panel) दुर्ग जिले के अंडा गांव और महाराष्ट्र के नागपुर में संचालित हो रहे थे। आईपीएस लक्ष्य शर्मा, एसपी – खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, के नेतृत्व में इन दोनों स्थानों पर छापेमारी कर सिस्टम को सीज़ किया गया।

 

गिरफ्तार आरोपी और उनकी पहचान

गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों में से तीन दुर्ग-भिलाई क्षेत्र से हैं:

1. छत्रपाल पटेल (31), हरन्दुल गांव, डोंगरगढ़

2. निकुंज पन्ना (24), चश्पुर बगीचा

3. समीर बड़ा (22), चश्पुर बगीचा

4. धनंजय सिंह (34), चिंगरीपारा, दुर्ग

5. चंद्रशेखर अहिरवार (33), श्रृंखलानगर, सुपेला

6. उमेश निवास (21), वार्ड नंबर 13, सुपेला, भिलाई

 

इनके कब्जे से ₹50,000 नकद, ₹2.28 लाख बैंक बैलेंस, कई पासबुक्स, एटीएम कार्ड्स, लैपटॉप्स, मोबाइल फोन्स, और वाई-फाई राउटर्स जब्त किए गए हैं।

ऑर्गनाइज़्ड क्राइम का हिस्सा

आईपीएस लक्ष्य शर्मा ने बताया कि यह ऐप डिस्ट्रीब्यूटेड आर्किटेक्चर पर आधारित था जिसमें एक सेंट्रल सर्वर नहीं बल्कि कई “नोड्स” या “पैनल्स” होते हैं। ये पैनल्स विभिन्न क्षेत्रों में सट्टा ऑपरेशन का नियंत्रण करते हैं। दो सक्रिय पैनल – अंडा और नागपुर – को तोड़ा गया है।

जांच अभी जारी, मास्टरमाइंड की तलाश

शिवा बुक का असली मास्टरमाइंड फिलहाल फरार है, लेकिन खैरागढ़ पुलिस और साइबर एजेंसियां उसकी तलाश में हैं। संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह का संबंध महादेव बुक के नेटवर्क से हो सकता है या यह उसी से प्रेरित होकर शुरू किया गया हो।

संभावित गिरफ्तारी और बड़े खुलासों की उम्मीद

पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क संगठित अपराध की तरह संचालित हो रहा था और आने वाले समय में और गिरफ्तारियां संभव हैं। जैसे-जैसे डिजिटल साक्ष्य सामने आएंगे, पुलिस और एजेंसियां व्यापक कार्रवाई करेंगी।

निष्कर्ष:

महादेव बुक के बाद अब शिवा बुक ऐप के जरिए सट्टा कारोबार का नया चेहरा सामने आया है। छत्तीसगढ़ पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से इस रैकेट को बड़ा झटका लगा है, लेकिन यह भी स्पष्ट हो गया है कि देशभर में फैले इस सट्टा नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए कड़ी और निरंतर कार्रवाई की आवश्यकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *