बिहार के चर्चित उद्योगपति गोपाल खेमका मर्डर केस में नया मोड़, मास्टरमाइंड अशोक साह गिरफ्तार
बिहार: उद्योगपति गोपाल खेमका हत्याकांड का मास्टरमाइंड अशोक साह गिरफ्तार, ₹10 लाख की सुपारी देकर करवाई थी हत्या
बिहार के चर्चित उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या से जुड़े मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड के मास्टरमाइंड माने जा रहे बिजनेसमैन अशोक साह को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, अशोक साह लंबे समय से पुलिस की रडार पर था और अब उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के हवाले से खबर दी गई है कि अशोक साह ने गोपाल खेमका की हत्या की पूरी साजिश रची थी और इसके लिए उसने पेशेवर कॉन्ट्रैक्ट किलर उमेश यादव को ₹10 लाख की सुपारी दी थी।
सूत्रों के मुताबिक,
अशोक साह और गोपाल खेमका के बीच व्यापारिक मतभेद लंबे समय से चल रहे थे। इन्हीं मतभेदों के चलते अशोक ने खेमका को रास्ते से हटाने का फैसला लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि अशोक ने उमेश यादव को ₹1 लाख एडवांस में दिए थे और हत्या को अंजाम देने के बाद उमेश, अशोक के फ्लैट पर ही रुका था। यह सबूत पुलिस के हाथ उस वक्त लगे जब उन्होंने उमेश यादव की कॉल डिटेल्स और मोबाइल लोकेशन खंगाले।
उमेश यादव की गिरफ्तारी
पुलिस ने 7 जुलाई को मुख्य शूटर उमेश यादव को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक, पिस्टल, 80 जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और ₹1 लाख नकद बरामद किया गया था। पुलिस के अनुसार, उमेश ने पूछताछ में हत्या की बात कबूल ली है और बताया कि उसे अशोक साह ने सुपारी दी थी।
एनकाउंटर में मारा गया दूसरा आरोपी
इस केस में एक और बड़ा घटनाक्रम 6 से 7 जुलाई की रात को सामने आया, जब पटना के मालसलामी इलाके में पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान विकास उर्फ राजा नाम के एक अन्य आरोपी को ढेर कर दिया। पुलिस के अनुसार, जब राजा को पकड़ने की कोशिश की गई तो उसने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे मार गिराया। जांच में सामने आया है कि राजा ने ही उमेश यादव को हत्या के लिए हथियार सप्लाई किया था।
इंडिया टुडे के रिपोर्टर शशि भूषण ने घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि इलाके में भारी पुलिस बल तैनात था। वहां के स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल था, क्योंकि यह इलाका आमतौर पर शांत माना जाता है।
पुलिस की अब तक की कार्रवाई
गोपाल खेमका मर्डर केस में पुलिस अब तक आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से कुछ की भूमिका हत्या की साजिश रचने में थी तो कुछ ने लॉजिस्टिक्स और हथियार उपलब्ध कराए थे। पुलिस का मानना है कि जल्द ही इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
व्यापारिक रंजिश या कुछ और?
पुलिस इस मामले को मुख्य रूप से व्यापारिक रंजिश से जोड़कर देख रही है। गोपाल खेमका एक प्रतिष्ठित उद्योगपति थे और उनका कारोबार बिहार में काफी फैला हुआ था। अशोक साह भी एक व्यापारी है, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धा रही होगी। हालांकि, पुलिस इस एंगल के साथ-साथ अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है, ताकि केस को पूरी तरह से सुलझाया जा सके।
निष्कर्ष
गोपाल खेमका की निर्मम हत्या ने बिहार के व्यापारिक जगत और आम जनता को झकझोर कर रख दिया है। लेकिन जिस तेजी और सख्ती से पुलिस ने इस केस में कार्रवाई की, वह सराहनीय है। मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के साथ यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही केस की परतें पूरी तरह से खुल जाएंगी और दोषियों को सजा मिलेगी।
यह केस एक बार फिर यह भी साबित करता है कि व्यापारिक प्रतिस्पर्धा जब दुश्मनी में बदल जाती है, तो उसका अंजाम कितना खतरनाक हो सकता है। पुलिस की सतर्कता और तकनीकी सहायता से यह मामला अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ता दिख रहा है