दुर्ग की दिल दहला देने वाली घटना: शिक्षिका मां ने 5 साल की बेटी संग लगाई आग, सुसाइड या कोई साजिश?
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के नन्नी थाना क्षेत्र के अहिवारा टाउनशिप की एक शांत कॉलोनी में सोमवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां एक 30 वर्षीय शिक्षिका जागेश्वरी साहू और उनकी 5 वर्षीय बेटी दिव्यांशी साहू की जलकर मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला मान रही है।
सुबह-सुबह उठता धुआं और फिर चीखें
घटना सुबह करीब 6 बजे की है, जब जागेश्वरी साहू के पिता प्रतिदिन की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। टहलते वक्त उन्होंने अपने घर से धुआं उठता देखा और दौड़ते हुए घर पहुंचे। वहां का मंजर दिल दहला देने वाला था—बेडरूम में आग लगी थी, बेटी का शव बिस्तर पर था, और जागेश्वरी बिस्तर के नीचे पड़ी थीं, अपनी बेटी का पैर पकड़े हुए।
कौन थीं जागेश्वरी साहू?
जागेश्वरी साहू एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका थीं और शाम को बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी जीविका चला रही थीं। उनकी पहचान एक मिलनसार और मेहनती महिला के रूप में थी। आसपास के लोगों और उनके ट्यूशन पढ़ने वाले बच्चों के अनुसार, वह बेहद नेक और खुशमिजाज स्वभाव की थीं।
पारिवारिक स्थिति और संभावित तनाव
पड़ोसियों और पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जागेश्वरी साहू का अपने पति से कई सालों से अलगाव चल रहा था। बेटी के जन्म के कुछ समय बाद पति अलग हो गया था और तलाक की प्रक्रिया भी चर्चा में थी, हालांकि कानूनी रूप से तलाक नहीं हुआ था। इस पारिवारिक स्थिति से उन्हें मानसिक तनाव था, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है।
अंदर से बंद था कमरा, सुसाइड की आशंका
पुलिस की जांच के अनुसार, घर का मुख्य और पिछला दरवाजा दोनों अंदर से बंद थे। आग बेडरूम में लगी थी, किचन पूरी तरह सुरक्षित था। फायर ब्रिगेड की रिपोर्ट में ज्वलनशील पदार्थ—संभवतः मिट्टी का तेल या पेट्रोल—के उपयोग की आशंका जताई गई है। इन सभी तथ्यों के आधार पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि साजिश के एंगल से भी जांच जारी है।
मासूम दिव्यांशी की मौत से क्षेत्र में मातम
5 साल की मासूम दिव्यांशी, जो कक्षा 1 की छात्रा थी, अपनी मां के साथ ही स्कूल जाती थी और कॉलोनी के बच्चों के साथ खेलती थी। उसकी अचानक मौत से मोहल्ले में शोक की लहर फैल गई है। जिस कमरे में हादसा हुआ, वहां दिव्यांशी की चप्पलें आज भी पड़ी हैं, जो हर किसी की आंखें नम कर रही हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?
पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने जब धुआं देखा और दरवाजा खटखटाया, तो कोई जवाब नहीं मिला। कई लोग दरवाजा तोड़ने की कोशिश करने लगे, लेकिन जब तक अंदर पहुंचा गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। एक युवक पीछे के घर से कूदकर अंदर घुसा और तब जाकर शवों का पता चला।
समाज के लिए चेतावनी है यह घटना
यह घटना न केवल एक पारिवारिक त्रासदी है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। वह शिक्षिका, जो हर दिन बच्चों को पढ़ाती थी, हंसती-हंसाती थी, अंदर से किस दर्द से गुजर रही थी, इसका किसी को अंदाजा नहीं था।
क्या कहती है पुलिस?
नन्नी थाना प्रभारी और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। तकनीकी जांच, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।”
ताजा खबर की अपील:
“जिंदगी अनमोल है। मानसिक तनाव, घरेलू विवाद या किसी भी कठिन परिस्थिति में आत्महत्या कोई हल नहीं है। जरूरत पड़ने पर सहायता लें, परिवार, मित्रों या विशेषज्ञों से बात करें।”
अगर आप या आपके आसपास कोई मानसिक परेशानी से जूझ रहा है, तो नजदीकी हेल्पलाइन या काउंसलिंग सेंटर से जरूर संपर्क करें।